असामाजिक तत्वों ने बीजेपी के स्थानीय नेताओं की शह पर की तोड़फोड़, राष्ट्रप्रेम का किया अपमान – नारी शक्ति संगठन का आरोप
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नारी शक्ति संगठन गाज़ियाबाद ने महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण पेश करते हुए शालीमार गार्डन-एक्सटेंशन 2, साहिबाबाद ग़ाज़ियाबाद स्थित पन्नू चौक को नया नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर तिरंगा चौक’ दिया।
संगठन की अध्यक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ज्योतिषाचार्य रीमा वर्मा के नेतृत्व में चौक की साफ-सफाई कर पहली बार वहां तिरंगा फहराया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक, शालीमार गार्डन पुलिस थाना स्टाफ, क्षेत्रीय नागरिक, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के बाद पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया और बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

यह पहल हाल ही में पाकिस्तान के विरुद्ध महिलाओं की अस्मिता और सम्मान की रक्षा हेतु किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से प्रेरित थी। इस ऐतिहासिक युद्ध का नेतृत्व महिलाओं सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह को सौंपना महिला सशक्तिकरण का अनुपम उदाहरण था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर दिए जा रहे जोर को ध्यान में रखते हुए नारी शक्ति संगठन ने चौक का नाम बदलकर इसे महिला शक्ति और राष्ट्रवाद का प्रतीक बनाने का निर्णय लिया।
लेकिन, इस गौरवपूर्ण पहल पर शाम को असामाजिक तत्वों ने काला साया डाल दिया।
15 अगस्त की रात चौक पर की गई सजावट, लगाए गए प्रतीकों और ‘ऑपरेशन सिंदूर तिरंगा चौक’ के बोर्ड को तोड़फोड़ कर नष्ट कर दिया गया।

संगठन की महिलाओं और स्थानीय नागरिकों के लिए यह घटना गहरा सदमा लेकर आई। संगठन का आरोप है कि चौक के नामकरण का पहले से कुछ स्थानीय नेताओं और स्वर्गीय पन्नू जी के वंशजों द्वारा विरोध किया जा रहा था, और महिलाओं को धमकियां तक दी गई थीं कि उन्हें स्थानीय बीजेपी नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।

अब नारी शक्ति संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ प्रमुख मोहन भागवत को लिखित शिकायत भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
*संगठन का स्पष्ट संदेश है –*
यह केवल चौक का नाम बदलने का प्रश्न नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रवाद और स्वच्छ भारत मिशन के सम्मान की लड़ाई है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
नारी शक्ति संगठन , साहिबाबाद , ग़ाज़ियाबाद ,की यह लड़ाई अब केवल गाज़ियाबाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे देश की महिलाओं और राष्ट्रप्रेमियों की आवाज़ बन चुकी है।



