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परासी में पहली बार गजराजों का महाकुंभ, हाथी महोत्सव बना आकर्षण

मानपुर विधायक मीना सिंह ने किया पांच दिवसीय आयोजन का समापन, ढोल-मांदल की थाप पर थिरके ग्रामीण

उमरिया।** बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर क्षेत्र के ग्राम परासी में पहली बार आयोजित पांच दिवसीय हाथी महोत्सव का शनिवार को समापन हुआ। 24 से 28 सितंबर तक चले आयोजन में बांधवगढ़ के नौ कैंप हाथियों के पुनर्यौवनीकरण और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां हुईं। परासी गेट पर आयोजित महोत्सव ग्रामीणों के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना रहा।

समापन समारोह में मानपुर विधायक मीना सिंह शामिल हुईं। ग्रामीणों ने ढोल-मांदल और पारंपरिक नृत्य के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान विधायक भी आदिवासी ग्रामीणों के साथ पारंपरिक नृत्य में शामिल हुईं। आयोजन में वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

वन्यजीव संरक्षण के साथ संस्कृति को बढ़ावा

महोत्सव के दौरान हाथियों की देखभाल, स्वास्थ्य एवं संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को प्रमुखता दी गई। आयोजन का उद्देश्य वनांचल क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करना भी रहा।

कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल के मार्गदर्शन का भी उल्लेख किया गया। आयोजन में वरिष्ठ नेता एवं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मिथिलेश मिश्रा, सुमित गौतम, दीपक छतवानी, पत्रकार केके शुक्ला, मंडल अध्यक्ष राम मोल केवट, हरिहर चतुर्वेदी, सौखीलाल, वन परिक्षेत्राधिकारी अंकित सोनी सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ढोल-मांदल की थाप पर झूमे ग्रामीण

विधायक के स्वागत के दौरान आदिवासी समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल-मांदल की थाप और लोक संस्कृति की झलक ने कार्यक्रम को खास बना दिया। पांच दिवसीय आयोजन के समापन के साथ परासी क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण, संस्कृति और पर्यटन के समन्वय का संदेश दिया गया।


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