समाज जागरण दीपक सरकार
जापान में वनराखी मूवमेंट के 49 वां वर्ष पर कार्यक्रम का उद्घाटन वृक्षों पर रक्षाबंधन कर किया है डॉ कौशल
छतरपुर अनुमंडल के ग्राम पंचायत डाली बाजार के कौशल नगर मोहनलाल खुर्जा पार्वती देवी पार्क जैविक उद्यान पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर के ऊपरी तल पर और कौशल नगर बाजार प्रांगण में विश्व व्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पर्यावरण धर्म गुरु व वनराखी मूवमेंट के प्रणेता पर्यावरणविद ट्री मैन डॉ कौशल किशोर जायसवाल के द्वारा चलाया गया। वनराखी मूवमेंट के 49 वां वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रीय गान का उद्घोष, पर्यावरण धर्म के प्रार्थना और कन्या पूजन के साथ किया । उक्त अवसर पर पर्यावरणविद की ओर से ग्रामीणों को अंग वस्त्र व पौधा दान किया गया। उन्होंने कहा कि यह उनके द्वारा 1967 में जंगल लगाओ जंगल बचाओ अभियान का शुभारंभ अपने पैतृक गांव छतरपुर के डाली से अपने रैयती भूमि पर 8 , 72 एकड़ से शुरू किया था।
उस समय ग्रामीणों को पौधा लगाने का प्रेरित करने का शुभारंभ किया था। जब 10 वर्षों के बाद उनके द्वारा लगाए गए पौधे वृक्ष के रूप में माफियाओं द्वारा काटने लगा तब हमने बानो को काटने से रोकने ,जल संकट, और बढ़ती प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से 1977 में पर्यावरण धर्म को अपनाया। जिस में आठ मूल मंत्र दिया उसी के तहत वन वृक्षों पर रक्षाबंधन कर वनराखी मूवमेंट चलाया। ग्रामीणों को प्रेरित कर अभियान में शामिल किया और लोगों को बताया की रक्षाबंधन से केवल मानव रूपी भाई की और वन वृक्षों पर रक्षाबंधन से यानी बनाराखी मूवमेंट से धरती व ब्रह्मांड के 84 लाख योनि जियों की सुरक्षा होगी । यह अभियान इतना तेजी से बढ़ा की आज 49 वर्षों में उनके जन्म भूमि डाली गांव से निकला हुआ बनराखी मूवमेंट आज नेपाल ,भूटान, बर्मा ,सिंगापुर, मलेशिया , अज़रबैजान , थाईलैंड ,इंडोनेशिया और देश के 26 राज्यों के 164 जिलों में 22 लाख से अधिक वन वृक्षों पर रक्षाबंधन किया ।इस वर्ष 2 अगस्त को कार्यक्रम का उद्घाटन जापान के टोकयो से वृक्षों पर रक्षाबंधन कर किया है उसी के कड़ी में आज राष्ट्रीय रक्षा बंधन पर्व पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिस में कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व उप मुखिया अफजाल अंसारी एवं संचालन जुबेर अंसारी उप मुखिया नगीना खातून, गुलाम गौस, सुमित जायसवाल, खुशबू जायसवाल,फुलवा देवी, दौलती देवी,राजमतिया कुंवर, कबूतरी कुंवर, सत्या सिंह, संतोष कुमार समेत काफी संख्या में पर्यावरण प्रेमी ग्रामीण एवं लड़कियां शामिल थे।
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