संवाददाता रेनू गौड़*
लखनऊ। नगर आयुक्त के निर्देशानुसार, नगर निगम पशु कल्याण विभाग द्वारा दिनांक 21 दिसंबर को प्रातः 6:30 बजे एक व्यापक पेट डॉग लाइसेंस चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान में प्रभारी नदीम, शिवेक वर्मा, राजेश उपाध्याय, फुरकान अहमद, रामकुमार आदि ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस अभियान के दौरान, बिना लाइसेंस श्वान टहलाते हुए पाए गए 6 व्यक्तियों से कुल 30000 रुपये जुर्माना वसूला गया। साथ ही, एक भारतीय नस्ल के श्वान सहित 4 लाइसेंस भी बनाए गए। इस प्रकार, कुल 33200 रुपये नगर निगम कोष में जमा कराए गए।
लाइसेंस चेकिंग अभियान को चलता देख कई लोग अपने श्वान को लेकर भागते दिखे, जबकि कई लोग ऐसे भी मिले जिनका लाइसेंस और वैक्सीनेशन कार्ड बना हुआ था। कई लोग अपने श्वान को लेकर घर में बंद कर दिया और टीम से बहसबाजी भी की। लाइसेंस ना प्रस्तुत करने की दशा में 5000 रुपये प्रति श्वान तक जुर्माना का प्रविधान है, और लाइसेंस ना बनवाने की दशा में श्वान को जब्त भी किया जा सकता है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में अभी तक मात्र 4130 लाइसेंस बने हैं, जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 5600 तथा 2022-23 में 8200 डॉग लाइसेंस बने थे। लाइसेंस में कमी के दृष्टिगत दिसंबर माह में प्रत्येक शनिवार को डॉग लाइसेंस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से अभी तक 1,16,400 रुपये प्राप्त हो चुके हैं, और अभियान के पश्चात लाइसेंस तेजी से बनवाए जा रहे हैं।
लखनऊ नगर निगम में पालतू श्वानों की संख्या 10000 से अधिक है। लाइसेंस श्वान को रैबीज टीकाकरण की पुष्टि के उपरांत तथा लखनऊ नगर निगम द्वारा श्वान नियंत्रण उपविधि 2003 पालन का शपथ पत्र देने के उपरांत ही नगर निगम द्वारा निर्गत किया जाता है।
नगर निगम द्वारा वर्तमान में 200 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल तक 2 ही श्वान पालने की अनुमति दी जाती है। विदेशी श्वान तथा उनके क्रॉस हेतु लाइसेंस शुल्क 1000 रुपये तथा देसी श्वान हेतु लाइसेंस शुल्क 200 रुपये प्रति श्वान है। लाइसेंस लखनऊ नगर निगम की वेबसाइट lmc.up.nic.in पर ऑनलाइन डॉग रजिस्ट्रेशन पर जाकर बन सकता है, और पशु कल्याण अधिकारी कार्यालय, लालबाग नगर निगम मुख्यालय से किसी भी कार्य दिवस में बनवाया जा सकता है।

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