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पटना विशेष उत्पाद न्यायालय से डॉ. अभिषेक मुंडू सम्मानपूर्वक बरी, कहा– सत्य और न्याय की हुई जीत

दैनिक समाज जागरण 29.06.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर

जमशेदपुर बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में माननीय विशेष उत्पाद न्यायालय, पटना ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए डॉ. अभिषेक मुंडू को सभी आरोपों से सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है। न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों और अभियोजन पक्ष के तर्कों का विस्तृत परीक्षण करने के बाद पाया कि आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सके। इसके आधार पर अदालत ने डॉ. मुंडू को दोषमुक्त घोषित करते हुए उनके विरुद्ध लंबित आपराधिक कार्यवाही का समापन कर दिया।

न्यायालय के फैसले के बाद जमशेदपुर के एक होटल में डॉ. अभिषेक मुंडू और डॉ. मृतुन्जय सिंह ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर मीडिया को पूरे मामले की जानकारी दी। इस दौरान दोनों ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें शुरू से ही देश की न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था और अंततः सत्य एवं न्याय की जीत हुई है।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. अभिषेक मुंडू ने कहा कि यह फैसला उनके लिए केवल कानूनी जीत नहीं, बल्कि संविधान, न्यायपालिका और सत्य में उनकी आस्था की जीत है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी भी न्याय व्यवस्था पर अपना भरोसा नहीं खोया। उन्होंने कहा, “मुझे भारत की न्यायपालिका पर सदैव पूर्ण विश्वास रहा है। माननीय न्यायालय के इस निर्णय से सत्य की विजय हुई है। मैं न्यायालय के फैसले का पूर्ण सम्मान करता हूं और आगे भी अपने सभी दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ करता रहूंगा।”

डॉ. मुंडू ने कहा कि न्यायालय से दोषमुक्त होने के बाद अब उन्हें उम्मीद है कि उनके सेवा संबंधी सभी वैधानिक अधिकारों का शीघ्र निष्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका लंबित वेतन, अन्य बकाया देयक तथा सतर्कता (विजिलेंस) से संबंधित औपचारिकताएं भी अब बिना किसी अनावश्यक विलंब के पूरी की जानी चाहिए, ताकि वे पूरी तरह से अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

प्रेसवार्ता में मौजूद डॉ. मृतुन्जय सिंह ने भी न्यायालय के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न्यायपालिका की निष्पक्षता और कानून के शासन में लोगों के विश्वास को और मजबूत करने वाला है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय ही करता है और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी को दोषी मान लेना उचित नहीं है। उन्होंने समाज से अपील की कि वह न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करे और तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर दिए गए न्यायालय के निर्णयों पर विश्वास बनाए रखे।

डॉ. अभिषेक मुंडू ने इस अवसर पर अपने परिवार, शुभचिंतकों, सहयोगियों, अधिवक्ताओं तथा उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने पूरे कानूनी संघर्ष के दौरान उनका मनोबल बनाए रखा और उन पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान अपने पेशेवर दायित्वों और सामाजिक कार्यों पर रहेगा तथा वे पहले की तरह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ समाज की सेवा करते रहेंगे।

विशेष उत्पाद न्यायालय, पटना का यह फैसला न केवल डॉ. अभिषेक मुंडू के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि यह भारतीय न्यायपालिका की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विधि के शासन में आम नागरिकों के विश्वास को भी मजबूत करने वाला निर्णय है। न्यायालय के आदेश के साथ ही बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत उनके विरुद्ध लंबित आपराधिक कार्यवाही का औपचारिक रूप से समापन हो गया। प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. मुंडू ने कहा कि वह भविष्य में भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करते हुए समाज और अपने पेशे के प्रति समर्पित रहेंगे।


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