पंकज कुमार पाठक,संवाददाता पदमा, दैनिक समाज जागरण
पदमा: प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न दुकानों में इन दिनों बच्चों को लुभाने वाले चटपटे स्वाद वाले पैकेटबंद खाद्य उत्पाद धड़ल्ले से बिक रहे हैं। अलग-अलग नाम और आकर्षक पैकेजिंग में मिलने वाले ये उत्पाद बच्चों की पहली पसंद बन चुके हैं, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो इनका असर बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
जिले के एक प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ ने बताया कि इन पैकेटबंद उत्पादों—जैसे चिप्स, नमकीन और मसालेदार स्नैक्स—में अत्यधिक नमक, कृत्रिम रंग और रसायन पाए जाते हैं, जो बच्चों की पाचन प्रणाली को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक इनके सेवन से बच्चों में भूख की कमी, पेट दर्द, मोटापा और पाचन संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
चिंता की बात यह है कि बाजार में कई ऐसे उत्पाद भी खुलेआम बिक रहे हैं जो खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते। इन उत्पादों पर न तो निर्माण तिथि स्पष्ट होती है और न ही इनमें इस्तेमाल किए गए रसायनों का सही विवरण दिया जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण ऐसे अस्वास्थ्यकर उत्पाद गांव-गांव तक पहुंच चुके हैं। अभिभावक भी बच्चों के जिद्द में आकर इन्हें खरीदने को मजबूर हो जाते हैं, जबकि ये धीरे-धीरे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालते हैं।
विशेषज्ञों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि ऐसे उत्पादों की जांच कर, मानकों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।



