जबलपुर। प्रेमांजलि संगीत वृंद एवं शहीद स्मारक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार, 21 अगस्त को शाम 6.30 बजे संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थापक एवं आयोजक राकेश चौरसिया के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्कारधानी जबलपुर के सुरीले गायक-गायिकाओं ने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में अंजना सक्सेना (इंदौर), मीनल चौधरी, पल्लवी फाटक, राखी मजुमदार, शबनम मसीह, स्मृति केकरे, अनामिका श्रीवास्तव, अरुणा नगरकर, रुचिरा श्रीवास्तव, प्रीत श्रीवास्तव, बेबी नायरा दुबे, सुधीर श्रीवास्तव, पंकज दुबे, के.एम. नगरकर, वसंत कर्नाड, अरुण गायकी, राजेन्द्र गोरे, राकेश चौरसिया एवं अभिषेक चौरसिया ने अपनी प्रस्तुतियों से संगीतप्रेमियों का मन मोह लिया।

कलाकारों ने “इतना न मुझसे तू प्यार बढ़ा”, “आज शाम होने आई”, “रंग दिल की धड़कन तो आती हो”, “पिया बावरी”, “मेरा जीवन कोरा कागज”, “जाने कहां गए वो दिन” और “मेड इन इंडिया” सहित अनेक लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। सुरों और संगीत से सजी शाम में श्रोता देर तक गीतों का आनंद लेते रहे।
कम उम्र में बड़ी पहचान बना रही हैं बेबी नायरा दुबे
कार्यक्रम में बेबी नायरा दुबे की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कम उम्र में ही गायन के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रभाव छोड़ रही नायरा मुंबई जैसे बड़े मंच पर भी अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं को प्रभावित कर चुकी हैं। जबलपुर के इस आयोजन में उन्होंने आत्मविश्वास और मधुर आवाज के साथ शानदार प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित संगीतप्रेमियों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम का संगीत संयोजन सुरेन्द्र दाहिया ने किया, जबकि मंच संचालन डॉ. मंजू गोरे ने किया। संगीतमय प्रस्तुतियों से सजी इस शाम ने जबलपुर की संगीत प्रतिभाओं और संगीतप्रेमी दर्शकों के बीच यादगार वातावरण बनाया।
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