समाज जागरण संवाददाता:- वेद प्रकाश
पालीगंज/ स्थानीय बाजार की सड़कों पर बिहटा औरंगाबाद रेल निर्माण समिति के संयोजक चंदन वर्मा को आत्म समर्पण को लेकर नाराज सैकड़ो समर्थकों ने शुक्रवार को आक्रोश मार्च निकाला।
जानकारी के अनुसार भारत के तत्कालिक रेल मंत्री सह पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने बिहटा औरंगाबाद रेलवे निर्माण कराने को लेकर पालीगंज स्थित खेल मैदान में शिलान्यास किया था। लेकिन वर्षो बीत जाने के बाद रेलवे लाइन निर्माण कार्य की शुरुआत नही किया गया। जिसे निर्माण कार्य कराई जाने की मांग को प्रमुखता से लेकर बिहटा से औरंगाबाद तक कि क्षेत्र की जनता लगातार आंदोलन कर रही है। लेकिन सरकार की रवैया रेलवे लाइन निर्माण कराने के प्रति आज तक उदासीन है। जबकि आंदोलन के कड़ी में ग्रामीणों ने बिहटा औरंगाबाद रेलवे लाइन निर्माण संघर्ष समिति का गठन किया। जिसके बैनर तले ग्रामीणों ने दिल्ली स्थित जन्तर मंतर पर कई धरना प्रदर्शन भी किया था। इतना ही नही जब सरकार की मंशा सकारात्मक नही देखा गया तो समिति की ओर से पूर्व में रेल रोको अभियान चलाया गया था। जिसके तहत ग्रामीणों ने ब्यापक रूप से प्रदर्शन करते हुए कई घण्टो तक बिहटा में रेलवे ट्रैक को जाम कर रेल परिचालन ठप कर दी गयी थी। उस समय संघर्ष समिति के संयोजक चंदन वर्मा ने अपनी जिंदगी व मौत से खेलकर पटरी पर सो गया था। जिसके ऊपर से रेल पार कर गयी थी। लेकिन चंदन वर्मा बाल बाल बच गया था। उस घटना के बाद रेकवे बिभाग ने चंदन वर्मा सहित दर्जनों लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य मे बाधा डालने का आरोप लगा प्राथमिकी दर्ज कराया था। जिसके बाद फिलहाल रेलवे बिभाग की ओर से सरेंडर करने की दबिश चंदन वर्मा पर कगतर बनाई जा रही थी। जिसे देखते हुए चंदन वर्मा ने बीते गुरुवार को दानापुर स्थित रेल न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया।
वही चंदन वर्मा को आत्मसमर्पण करने के बाद रेलवे बिभाग व सरकार के प्रति जनता में जफी आक्रोश दिखाई दे रहा है। वही आक्रोश प्रकट करते हुए ग्रामीणों ने शुक्रवार को पालीगंज में शांतिपूर्ण आक्रोश मार्च निकाला। उन ग्रामीणों का कहना था कि सरकार तथा बिभाग विकास कार्यो के प्रति उदासीन है। वह जनता की आवाज से डरकर उसे दबाने की प्रयास कर रही है। लेकिन आंदोलन जबतक चलता रहेगा जबतक की रेलवे लाइन का निर्माण नही होगी। वही ग्रामीणों ने चंदन वर्मा को जेल से बिना शर्त अविलम्ब रिहा करने तथा रेलवे लाइन निर्माण कराने की मांग सरकार तथा रेलवे बिभाग से किया है।
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