*समाज जागरण* राजगढ़ मीरजापुर /विकासखंड राजगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत चौखड़ा में मनरेगा कार्यों में हुए कथित भ्रष्टाचार का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देश पर गठित त्रिस्तरीय जांच टीम ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर शिकायतों की गहनता से पड़ताल की। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार सिंह द्वारा शपथ पत्र के साथ जिलाधिकारी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र के बाद शुरू की गई है।

शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार सिंह का आरोप है कि ग्राम प्रधान विनोद कुमार सिंह और तत्कालीन पंचायत सचिव ने मिलीभगत कर वर्ष 2022 और 2023 के दौरान मनरेगा योजना में भारी अनियमितता बरती। आरोप है कि बिना कार्य कराए ही फर्जी मास्टर रोल भरकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया।
कृष्ण कुमार सिंह ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि इससे पूर्व खंड विकास अधिकारी (BDO) द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की थी। उस जांच रिपोर्ट में भी ग्राम प्रधान और सचिव को दोषी पाया गया था, लेकिन विडंबना यह रही कि रिपोर्ट आने के बाद भी दोषियों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इसी सुस्ती से क्षुब्ध होकर शिकायतकर्ता ने शपथ पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई थी।
जिलाधिकारी के आदेश पर गठित नई त्रिस्तरीय टीम में सहायक अभियंता (बाणसागर), जिला लेखा अधिकारी और अवर अभियंता (भूमि संरक्षण, मिर्जापुर) शामिल रहे। टीम ने चौखड़ा गांव पहुंचकर शिकायतकर्ता की मौजूदगी में उन सभी स्थलों और अभिलेखों की जांच की, जहां फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया था। जांच टीम के सदस्यों ने बताया कि मौके पर साक्ष्यों का संकलन कर लिया गया है और मास्टर रोल के आंकड़ों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जांच टीम अपनी रिपोर्ट सीधे जिलाधिकारी को सौंपेगी। ग्रामीणों में चर्चा है कि यदि इस बार निष्पक्ष जांच हुई, तो कई रसूखदारों पर गाज गिरनी तय है।

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