काशी हिंदी विद्यापीठ और जगदीश साहित्य संस्थान के संयुक्त समारोह में साहित्यिक योगदान के लिए किया गया सम्मानित
समाज जागरण/ब्यूरो चीफ विजय कुमार अग्रहरी
सोनभद्र। साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सोनभद्र के साहित्यकार राम अनुज धर द्विवेदी को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। प्रयागराज में शनिवार को काशी हिंदी विद्यापीठ और जगदीश साहित्य संस्थान की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित साहित्यिक समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। उनके लेखन, कविता संग्रह और साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता को देखते हुए यह उपाधि दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन जगदीश साहित्य संस्थान के द्वितीय स्थापना दिवस के अवसर पर हिन्दुस्तानी एकेडमी, प्रयागराज में किया गया। समारोह में पुस्तक विमोचन, कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह और विशेष मानद उपाधि प्रदान करने सहित कई साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
समारोह में संस्थान के अध्यक्ष सरदार मनमोहन सिंह तन्हा, आयोजक संरक्षक कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक और संस्थापिका एवं महासचिव जगदीश कौर सहित मंचासीन अतिथियों ने साहित्यकारों का सम्मान किया। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित कवियों, लेखकों और साहित्यकारों ने सहभागिता की।
इसी क्रम में काशी हिंदी विद्यापीठ के कुल सचिव, उपकुलपति एवं मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों ने राम अनुज धर द्विवेदी को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि प्रदान की। उन्हें अंगवस्त्र, सम्मान पट्टिका, स्मृति चिह्न, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने बताया कि राम अनुज धर द्विवेदी के साहित्यिक लेखन, कविता संग्रह, साहित्यिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी और उनके रचनात्मक योगदान को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया। समारोह में अन्य कई साहित्यकारों को भी विभिन्न मानद उपाधियों से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही साहित्यिक पत्रिकाओं का विमोचन भी हुआ।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए कवि, लेखक, साहित्यकार और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। राम अनुज धर द्विवेदी को मानद उपाधि मिलने पर साहित्यिक जगत में प्रसन्नता व्यक्त की गई।
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