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राम लखन सिंह चौहान ‘अक्खड़’ बने साहित्यिक संस्था वातायन के अध्यक्ष

कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से हुआ चयन, जिले में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को गति देने का लिया संकल्प

समाज जागरण | संवाददाता

जिले की प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘वातायन’ के नए अध्यक्ष के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार राम लखन सिंह चौहान ‘अक्खड़’ को सर्वसम्मति से चुना गया है। गत दिवस वरिष्ठ साहित्यकार शिवानंद पटेल के निवास झिरिया मोहल्ला में आयोजित संस्था की कार्यकारिणी बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता वातायन के संरक्षक एवं वरिष्ठ साहित्यकार शेख धीरज ने की।

गौरतलब है कि वातायन के पूर्व अध्यक्ष एवं बघेली साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर वरिष्ठ कवि स्वर्गीय जगदीश पयासी के निधन के बाद अध्यक्ष पद रिक्त था। बैठक में वरिष्ठ कवि अनिल मिश्र ने राम लखन सिंह चौहान ‘अक्खड़’ के नाम का प्रस्ताव रखा। उनके साहित्यिक योगदान, अनुभव और संस्था के प्रति सक्रियता को देखते हुए उपस्थित साहित्यकारों ने सर्वसम्मति से उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित किया।

अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद राम लखन सिंह चौहान ‘अक्खड़’ ने संस्था के माध्यम से जिले में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को और अधिक सक्रिय बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ साहित्यकारों एवं लेखकों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। बधाई देने वालों में शेख धीरज, शम्भू सोनी ‘पागल’, अनिल मिश्र, डॉ. नियाज अंसारी, राजकुमार महोबिया, राकेश उरमलिया ‘दादुर’, शिवानंद पटेल, सुदर्शन तिवारी, सत्येन्द्र गौतम, मधु गौतम, संपत नामदेव, योगेश पांडेय एवं भूपेन्द्र त्रिपाठी सहित अन्य साहित्यकार शामिल रहे।

राम लखन सिंह चौहान ‘अक्खड़’ के अध्यक्ष निर्वाचित होने पर साहित्यिक जगत में हर्ष का माहौल है। साहित्यकारों ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में वातायन संस्था जिले की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।


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