ग्रेटर नोएडा, 22 फरवरी 2026। राष्ट्रचिंतना की 35वीं गोष्ठी रविवार को प्रिंस इंस्टिट्यूट ऑफ़ इन्नोवेटिव टेक्नोलॉजी, नॉलेज पार्क-3 के सभागार में “अनेकता में एकात्मता” विषय पर आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन प्रो. विवेक कुमार ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारत भारती संगठन के उत्तर प्रदेश, बिहार एवं दिल्ली के प्रभारी ईश्वर चंद्र झा उपस्थित रहे। विषय परिचय प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रचिंतना, ग्रेटर नोएडा के अध्यक्ष राजेश बिहारी ने कहा कि पहनावा और खानपान भिन्न होने के बावजूद भारत के नागरिकों को कामधेनु की भांति भारत भूमि को समृद्ध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वेदों में भी यही भाव निहित है। भारतवर्ष में विचार और दर्शन की विविधता सदैव रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर के पुजारियों को दक्षिण में तथा दक्षिण के पुजारियों को उत्तर में नियुक्त करने की परंपरा आदि शंकराचार्य द्वारा इसलिए शुरू की गई थी, ताकि एकात्मता का भाव मजबूत हो।

मुख्य वक्ता ईश्वर चंद्र झा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में बताया कि भारत भारती संगठन की स्थापना वर्ष 2005 में विनय जी द्वारा की गई थी। उन्होंने कहा कि भारत में वैचारिक योद्धाओं की कभी कमी नहीं रही, लेकिन यह विचारणीय विषय है कि भारत को बार-बार विषम परिस्थितियों का सामना क्यों करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमारी आस्था और सांस्कृतिक शक्ति ही हमारी जीवंतता का आधार है। भावी पीढ़ी से अपेक्षा है कि वह जाति, क्षेत्र, भाषा और पंथ से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद को अपना ध्येय बनाए। उन्होंने चेतावनी दी कि आज भी भारत को कमजोर करने के प्रयास हो रहे हैं, जिनसे दृढ़ता से निपटना होगा।
आशीर्वचन देते हुए प्रो. बलवंत सिंह राजपूत ने कहा कि आज का विषय नवचेतना का संदेश देता है। ज्ञान, भक्ति और कर्म ईश्वर प्राप्ति के प्रमुख साधन हैं—चाहे साकार रूप में या निराकार रूप में। उन्होंने कहा कि वेद और उपनिषद एक परमात्मा की ही व्याख्या करते हैं। भारत की उदार परंपरा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां नास्तिक चार्वाक को भी महर्षि की उपाधि देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के निदेशक आर. के. शाक्य ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर भारत भारती के उत्तर भारत के संगठन मंत्री विवेकानंद, डॉ. नीरज कौशिक, डॉ. संदीप कुमार, राजेंद्र सोनी, अवधेश गुप्ता, अरविंद साहू, किसलय कुमार, भोला ठाकुर, उर्वशी सिंह, अजय कुमार सिंह, वी. के. श्रीवास्तव, दिल्ली प्रांत संगठन मंत्री अपूर्व पांडे सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।



