मुंबई ( गिरजा शंकर अग्रवाल ) – नमस्कार मेरे प्यारे दर्शकों और चाहने वालों आप सभी के साथ अपनी नई फिल्म “रेशम की डोरी” कप्तान सिनेमा प्रोडक्शन 8 के सेट से कुछ प्यारे लम्हे साझा करते हुए दिल गर्व से भर जाता है। इस फिल्म के लेखक शशि पांडे जी की कलम में गहराई संवेदनशीलता और समाज की सच्चाई को दिखाने की जो ताक़त है, वह तारीफ़ के काबिल है। निर्देशक शत्रुघ्न गोस्वामी जी का विज़न और भावनाओं को पर्दे पर सजीव कर देने की कला ने इस फ़िल्म को एक अलग ही ऊँचाई दी है।मेरे को-आर्टिस्ट्स ने कमाल की परफॉर्मेंस दी।कुनाल सिंह राजपूत एक सुलझे हुए और समर्पित कलाकार जिनके अभिनय में गहराई और सच्चाई साफ झलकती है। उनके साथ काम करना बेहद सहज और प्रेरणादायक रहा।रिंकू घोष जी एक अनुभवी और बेहद गरिमामयी अभिनेत्री जिनकी स्क्रीन प्रेज़ेन्स और पॉजिटिव एनर्जी पूरे सेट को जीवंत बना देती है। जय यादव जी उनके अंदर जो सौम्यता और मजबूत पकड़ है किरदार पर वह इस फ़िल्म की ताकत है।मेहनाज़ स्रॉफ़ जी मेरी ऑन-स्क्रीन सासू माँ, जिनसे हर बार अभिनय के नए रंग सीखने को मिलते हैं। उनका स्नेह और अपनापन मेरे लिए बहुत मायने रखता है। साथ ही मेरी पूरी टीम निर्माता अमित गुप्ता और महेश उपाध्याय जी का विश्वास, DOP विजय आर. पांडे जी की लेंस के ज़रिए कहानी को संवेदना देना। म्यूजिक डायरेक्टर भारत चौहान जी का संगीतमय स्पर्श आर्ट डायरेक्टर विनोद बिहारी जी की भव्यता और प्रोडक्शन टीम मनोज और मानस जी की मेहनत इन सबकी बदौलत ये फ़िल्म एक शानदार अनुभव बन पाई। “सास बहू के प्यार, लाल मिर्च का अचार” के बाद, “रेशम की डोरी” मेरे लिए एक और दिल से जुड़ी कहानी है।जो मुझे यक़ीन है कि आपके दिल को भी छुएगी।

Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



