समाज जागरण रंजीत तिवारी
रामेश्वर वाराणसी।।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से गुरुवार को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को धूमधाम से नववर्ष के रूप में मनाया गया। इस आयोजन में परिवार के लोगों के साथ-साथ बच्चों ने भी भाग लिया। बच्चों को भारतीय संस्कृति के बारे में आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने अहम बातें बताई। आर एस एस के रामेश्वर महादेव शाखा के कार्यकर्ताओं ने वरुणा घाट पर गुरुवार की सुबह भगवा ध्वज फहराकर आरएसएस ने हिन्दू नव वर्ष मनाया। विमल सिंह ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को यह बताना जरूरी है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी।
इस दिन को कई कामों के लिए याद किया जाता है। लोग अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। जिस अंग्रेज को भारत से भगाने के लिए लाखों लोगों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए, उसी अंग्रेज के नया साल को मनाने की परंपरा हावी है। एक जनवरी को कोई ऐसा काम नहीं हुआ जिसके लिए उस तिथि को याद किया जाए। समय रहते नहीं सचेत हुए तो अपनी संस्कृति को नहीं बचा पाएंगे। आरएसएस संस्थापक प्रथम सर संघचालक डॉ केशवराव बलिराव हेडगेवार का जन्म वर्ष प्रतिपदा चैत्र शुक्ल पक्ष को हुआ था।
इसके अलावा आज ही पृथ्वी का उदय, युधिष्ठिर का राज्याभिषेक, प्रकृति में बदलाव आदि ऐतिहासिक महत्व दिखता है। आज से शात्विकता का प्रयास नवरात्र आरंभ, कन्या पूजन जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के लिए नववर्ष प्रसिद्ध है। इस कारण स्वयं सेवक इस दिन को काफी उत्साह और धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन गणवेश में पथ संचलन, बौद्धिक, शारीरिक और घोष प्रदर्शन, आद्य सरसंचालक प्रणाम आदि के कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम ने मुख्य रूप से अजय त्रिपाठी,पंकज पांडेय,बृजेश सिंह,आशीष पांडेय,अरविंद सिंह,करुणापती पांडेय,शुभम सिंह,हरिशंकर पांडेय शामिल रहे।



