होमगार्ड के जवान हुआ घायल
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ जिले के बिहटा प्रखंड स्थित परेव सोन नदी घाट पर बालू माफियाओं ने खनन विभाग की टीम हमला कर दिया। अचानक हुई पत्थरबाजी में एक गृह रक्षक जवान घायल हो गया, जबकि जब्त किए गए कुछ ट्रैक्टरों को कथित तौर पर माफिया दोबारा छुड़ाकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार खनन विभाग को सूचना मिली थी कि सोन नदी के परेव घाट पर बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से बालू का खनन और परिवहन किया जा रहा है। बताया गया कि बिना किसी वैध कागजात के ट्रैक्टरों के जरिए बालू निकाला जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर खनन विभाग ने छापेमारी की योजना बनाई और एक टीम को मौके पर भेजा गया। जब खनन विभाग की टीम घाट पर पहुंची तो घाट के नीचे बड़ी संख्या में ट्रैक्टर बालू लोड करते हुए पाए गए। होमगार्ड जवान जितेंद्र कुमार के अनुसार, उस समय मौके पर करीब 20 ट्रैक्टर मौजूद थे।
जैसे ही खनन विभाग की कार्रवाई की भनक लगी, कुछ ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर मौके से भागने लगे। हालांकि टीम ने तेजी दिखाते हुए लगभग 17 ट्रैक्टरों को मौके पर ही रोक लिया और उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की।छापेमारी की कार्रवाई अभी चल ही रही थी कि अचानक स्थिति बिगड़ गई। कुछ ही देर में घाट के आसपास से करीब 200 लोग वहां जुट गए। शुरू में विरोध और नारेबाजी हुई, लेकिन देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। इसके बाद खनन विभाग की टीम पर अचानक पथराव शुरू कर दिया गया। अचानक हुई पत्थरबाजी में होमगार्ड जवान जितेंद्र कुमार के सिर में चोट लग गई। हालांकि चोट गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन घटना ने पूरे दल को हिला दिया। हालात बेकाबू होते देख खनन विभाग की टीम को अपनी सुरक्षा के मद्देनजर पीछे हटना पड़ा।
इसी अफरातफरी का फायदा उठाकर खनन माफिया ने जब्त किए गए कुछ ट्रैक्टरों को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया और वहां से फरार हो गए। इस मामले में खनन विभाग की ओर से अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। खनन निरीक्षक गोविंद कुमार ने बताया कि छापेमारी के दौरान एक ट्रैक्टर को औपचारिक रूप से जब्त किया गया। इसके अलावा आठ ट्रैक्टर कार्रवाई के दौरान मौके से भागने में सफल रहे। फरार हुए ट्रैक्टरों के नंबर नोट कर लिए गए हैं और इसकी लिखित जानकारी पुलिस को दे दी गई है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
खनन विभाग ने इस घटना को गंभीर मानते हुए कड़ा रुख अपनाया है। विभाग की ओर से अज्ञात 70 से 80 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पत्थरबाजी और सरकारी कार्य में बाधा डालना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद परेव सोन नदी घाट और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। किसी भी तरह की दोबारा झड़प या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। बिहटा पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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