सनातन शक्तियों को एकजुट होने की जरूरत – आचार्य लोकेश
गुरुग्राम/ नई दिल्ली
अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश ने विश्व शांति केंद्र में आयोजित शाश्वत हिन्दू फाउंडेशन के द्विदिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि विश्व शांति और सद्भावना के लिए सनातन शक्तियों को एकजुट होने की जरूरत है |
विश्व शांति दूत आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में आस्था के केंद्र मंदिरों की अहम भूमिका है| अखंड व अद्वितीय भारत निर्माण और विश्व शांति के लिए सनातन मूल्यों और भारतीय संस्कृति पर आधारित जीवन शैली को अपनाने कि आवश्यकता है | सनातन का मूल मंत्र वसुधैव कुटुंबकम की आज विश्व को आवश्यकता है |
मंदिरों के वर्तमान स्वरूप में हमारी भूमिका विषय को संबोधित करते हुए डॉ पवन सिन्हा गुरुजी ने कहा कि मंदिर भक्ति और शक्ति दोनों के केंद्र है, इनका संरक्षण और संवर्धन करना हर सनातनी का दायित्व है | राष्ट्र निर्माण के लिए जन जन को संकल्पबद्ध होकर कम से कम प्रतिदिन एक घंटा मंदिर को देना होगा |
श्री विजय कौशल जी महाराज ने समापन सत्र में विश्व गुरु मार्ग में मंदिरों की भूमिका विषय को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय समाज का मूलाधार मंदिर है| मंदिरों से व्यक्ति निर्माण, समाज कल्याण, और राष्ट्र निर्माण का अविरल प्रवाह संचालित होता है |
स्वागत भाषण महामंत्री श्री संजय शर्मा ने दिया | प्रमोद कुमार, अखिल भारतीय प्रमुख धर्माचार्य संपर्क राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, संरक्षण सी. पी. चौहान, उपाध्यक्ष रमेश आर्या, राकेश मृदुल, सुनील गुप्ता, अंशुमान डोगरा, आकाश दीप, डॉ गुंजन झा, के डी पाठक, रवि कटारिया, शिवदत्त ठाकुर, वीरेंद्र सिंह, आदि ने भी विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए |
विश्व शांति केंद्र एवं अहिंसा विश्व भारती



