समाज जागरण/ अनिल कुमार अग्रहरी
ओबरा/ सोनभद्र। स्थानीय नगर पंचायत क्षेत्र में सामाजिक समरसता और निस्वार्थ मानव सेवा का पर्याय बन चुकी श्री राम सेवा समिति ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। समिति द्वारा प्रत्येक शनिवार को आयोजित साप्ताहिक खिचड़ी भंडारा ने 1 नवंबर शनिवार को अपना 11वां सफल सप्ताह पूरा कर लिया है। समिति का यह कार्य सेवा समर्पण के निस्वार्थ भाव से किया जा रहा है। समिति के संस्थापक पत्रकार अजीत सिंह का दृढ़ विश्वास है कि यह भंडारा तब तक निरंतर चलता रहेगा जब तक उन्हें प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त होता रहेगा। यह पुनीत पहल समिति के अध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह के कुशल मार्गदर्शन और सभी समर्पित सदस्यों के सक्रिय सहयोग से की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्वों की खुशियों में समाज के हर वर्ग को शामिल करना और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूती प्रदान करना है। श्री राम सेवा समिति ओबरा में अपने साप्ताहिक खिचड़ी भंडारा के लिए पहले से ही व्यापक रूप से प्रशंसित है, जो नियमित रूप से प्रत्येक शनिवार को संचालित होता है। इस भंडारे की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण विशेषता इसका भेदभाव रहित स्वरूप है। न गरीब, न अमीर के सिद्धांत पर सभी लोग एक साथ बैठकर प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह क्रिया समाज को मानव सेवा और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश देती है, जो आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। समिति द्वारा पर्व त्योहारों पर विशेष प्रसाद जैसे खीर और हलवा भी वितरित किए जाते हैं।
इस सेवा कार्य को सफल बनाने में समिति के समस्त पदाधिकारियों और सक्रिय सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान है। इन सभी के सामूहिक प्रयास से यह भंडारा नियमित रूप से संचालित हो रहा है संरक्षक सर्वे दुबे, ओमप्रकाश सिंह, रणजीत तिवारी, राम आश्रय बिंद उपाध्यक्ष पुष्पा दुबे, सचिव सरिता सिंह, कोषाध्यक्ष रीता कुमारी महामंत्री हेमलता जायसवाल सक्रिय कार्यकर्ता माया चौहान, विनय दुबे, पत्रकार पवन सिंह, संतोष साहनी, विनोद तिवारी, कुंम्धन चौधरी, हलवाई बाबूलाल आपको बताते चलें देव दीपावली पर होने वाला यह विशेष खिचड़ी वितरण कार्यक्रम (और छठ पर्व पर विशेष खीर वितरण कार्यक्रम) समिति के इसी सेवा संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा और पर्व के पावन अवसर पर लोगों को एक साथ आने का मौका देगा। यह पहल दर्शाती है कि समाज के सजग और समर्पित नागरिक किस प्रकार निस्वार्थ सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव ला सकते हैं।



