समाज जागरण | आदिवासी सुनील त्रिपाठी
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के घोरावल क्षेत्र में रविवार को उस समय ग्रामीणों में कौतूहल और हलचल मच गई, जब एक चेक डैम में एक-दो नहीं बल्कि करीब 35 मगरमच्छ के छोटे-छोटे बच्चे एक साथ दिखाई दिए। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी मगरमच्छ के बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास सोन नदी में छोड़ दिया। मौके से पांच मगरमच्छ के अंडे भी बरामद हुए हैं।
यह घटना जुगैल वन रेंज के अंतर्गत सेमिया गांव के छितीरपुरवा टोला स्थित चेक डैम की है। इन दिनों चेक डैम में पानी का स्तर काफी कम है। रविवार सुबह गांव के कुछ लोग डैम के पास पहुंचे तो उन्हें पानी में दो छोटे मगरमच्छ तैरते हुए दिखाई दिए। उत्सुकतावश जब उन्होंने आसपास देखा तो वहां दर्जनों मगरमच्छ के बच्चे मौजूद थे। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कई लोगों ने इस दुर्लभ नजारे को अपने मोबाइल फोन में कैद भी किया।

ग्रामीणों की सूचना पर वन दारोगा अविनाश सिंह, वन्यजीव रक्षक सौरभ उपाध्याय और पीआरवी पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वन विभाग ने स्थानीय मल्लाह वीरेंद्र साहनी, टिम्मल तथा अन्य ग्रामीणों के सहयोग से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया। सभी मगरमच्छ के बच्चों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बोरियों में एकत्र किया गया और बाद में उन्हें पास बहने वाली सोन नदी में छोड़ दिया गया।
प्रजनन काल में पहुंचे होंगे मगरमच्छ
जुगैल वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि मौके पर करीब 35 मगरमच्छ के बच्चे और पांच अंडे मिले हैं। प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि प्रजनन काल के दौरान नर और मादा मगरमच्छ सोन नदी से इस चेक डैम तक पहुंचे होंगे। मादा मगरमच्छ ने सुरक्षित स्थान समझकर यहां अंडे दिए और समय पूरा होने पर उनसे बच्चे निकल आए।
उन्होंने बताया कि चूंकि चेक डैम मगरमच्छों का प्राकृतिक आवास नहीं है और यहां पानी भी सीमित मात्रा में था, इसलिए बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें तुरंत उनके प्राकृतिक आवास सोन नदी में स्थानांतरित कर दिया गया।
मानसून में बढ़ जाती है वन्यजीवों की आवाजाही
वन अधिकारियों के अनुसार, बरसात के मौसम में नदियों, नालों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ सहित कई जलीय वन्यजीव नए जल स्रोतों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में इनके दिखाई देने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। वन विभाग लगातार ऐसे क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचे।
वन विभाग ने लोगों से की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कहीं मगरमच्छ या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सके।
वन अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी सुरक्षा और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विभाग का प्रयास है कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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