रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई, पंजाब में बिक्री के लिए निर्धारित 9,588 शीशी अंग्रेजी शराब बरामद
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय शराब तस्करी का खुलासा किया है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने हिंडुआरी के पास चेकिंग के दौरान एक ट्रक से 625 पेटियों में छिपाकर रखी गई अंग्रेजी शराब की 9,588 शीशियां बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 65 लाख रुपये है, जबकि लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक की 1,275 यूनिट, ट्रक और दो मोबाइल फोन समेत कुल बरामदगी की कीमत लगभग 93 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के अनुसार, 14 और 15 अक्टूबर की दरमियानी रात एसओजी और रॉबर्ट्सगंज पुलिस की टीम हिंडुआरी के पास संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एक ट्रक में सामान की आड़ में अवैध अंग्रेजी शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर बैरिकेडिंग के जरिए ट्रक को रोका और उसकी तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ट्रक के बाहरी हिस्से में लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक की पेटियां रखी मिलीं। इनके पीछे अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप छिपाई गई थी। बरामद शराब रॉयल स्टैग और रॉयल ग्रीन ब्रांड की बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, शराब की पेटियों पर ‘Only for Sale in Punjab State’ अंकित था। इससे संकेत मिलता है कि शराब पंजाब में बिक्री के लिए निर्धारित थी, जबकि इसे दूसरे राज्यों में ले जाया जा रहा था।
हरियाणा से रांची ले जाई जा रही थी शराब की खेप
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में ट्रक चालक और खलासी ने बताया कि शराब हरियाणा से लादकर झारखंड की राजधानी रांची ले जाई जा रही थी। वहां एक चौराहे के पास दूसरे व्यक्ति को शराब की खेप सौंपने की योजना थी। इस मामले में पुलिस ने नसीम चंद राजपूत और कृष्णपाल राजपूत को गिरफ्तार किया है। दोनों हिमाचल प्रदेश के निवासी बताए गए हैं।
तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच के दौरान शराब की खेप ट्रक पर लदवाने और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी, इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और दूसरे राज्यों में फैले तस्करी नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था। इस कार्रवाई को अवैध शराब के अंतरराज्यीय कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
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