google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 3.0 से फिर एक हुए दंपती, पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने का लिया फैसला

मध्यस्थता से वैवाहिक विवादों समेत कई मामलों का हो सकता है समाधान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से की अभियान का लाभ उठाने की अपील

सोनभद्र। राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 3.0 के तहत सोनभद्र में मध्यस्थता केंद्र की पहल से लंबे समय से अलग रह रहे एक दंपती के बीच सुलह हो गई। मध्यस्थ अधिवक्ता के प्रयासों और आपसी बातचीत के बाद पति-पत्नी ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर दोबारा साथ रहने का निर्णय लिया। इस पहल से न केवल वैवाहिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान हुआ, बल्कि मध्यस्थता के महत्व भी सामने आया।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के आदेश पर सोनभद्र में 1 अगस्त से 31 दिसंबर 2026 तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 3.0 संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ऐसे लंबित और पूर्व-विवाद मामलों का आपसी सहमति से समाधान कराना है, जिनमें सुलह की संभावना हो।

मध्यस्थ अधिवक्ता के प्रयासों से बनी सहमति

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चांदनी पत्नी मनोज सोनी, निवासी ग्राम पनिकप खुर्द, थाना रायपुर, जनपद सोनभद्र ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्री-लिटिगेशन वाद दाखिल किया था। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण के सचिव ने मध्यस्थ अधिवक्ता चंद्रावती जैसवार को सुलह-समझौते की प्रक्रिया के लिए नियुक्त किया।

मध्यस्थ अधिवक्ता ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराकर विवाद को सुलझाने का प्रयास किया। प्रभावी और सौहार्दपूर्ण वार्ता के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति से साथ रहने के लिए तैयार हो गए। इस तरह मध्यस्थता केंद्र की पहल से दंपती ने अपने मतभेद दूर कर वैवाहिक जीवन को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया।

कई प्रकार के विवादों का मध्यस्थता से हो सकता है निस्तारण

सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल ने बताया कि राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 3.0 के तहत वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा से संबंधित उपयुक्त मामले, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा विवाद, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति बंटवारा, बेदखली और भूमि अधिग्रहण समेत अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण कराया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि संबंधित मामलों के पक्षकार स्वयं अथवा अपने अधिवक्ता के माध्यम से मामलों को चिह्नित कराकर मध्यस्थता केंद्र भेज सकते हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य आपसी सहमति से विवादों का सरल, सुलभ और सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।

आमजन से अभियान का लाभ उठाने की अपील

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आमजन से अपील की गई है कि वे राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 3.0 का लाभ उठाएं और आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से अपने विवादों का समाधान प्राप्त करें। मध्यस्थता से पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित करने और सहमति बनने की स्थिति में विवादों को कम समय में सुलझाने में मदद मिल सकती है।

PN fashion Girls Festive & Party Kurta, Dhoti Pant & Dupatta Set (Multicolor Pack of 1)

Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)