ऊर्जांचल संवाददाता मु० हफीज फुलील/ समाज जागरण
अनपरा/ सोनभद्र। एनसीएल ककरी परियोजना के आवासीय परिसर में स्थित डीएवी स्कूल एक बार फिर चर्चा में है। स्कूल के एक शिक्षक द्वारा कक्षा 6 के छात्र की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है, जिससे छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना अभिभावकों को गहराई तक झकझोरने वाली है।
अम्बेडकर नगर वार्ड 6 भानु टोला रेहटा निवासी राकेश भारती के 12 वर्षीय पुत्र जीवन भारती, डीएवी स्कूल में कक्षा 6 का छात्र है। जीवन के पिता राकेश भारती के अनुसार, शनिवार को शिक्षक कमल सिंह सूर्यवंशी ने किसी मामूली बात पर उनके पुत्र की जमकर पिटाई कर दी। छात्र के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। स्कूल छुट्टी के समय जब राकेश अपने बेटे को लेने पहुंचे, तो रोते हुए जीवन ने पूरी आपबीती सुनाई।
छात्र ने बताया कि उसने अपने दोस्त से यह कहा था कि “कमल सर ठीक से नहीं पढ़ाते,” इसी बात पर शिक्षक ने उसे टेबल के नीचे धक्का दे दिया और जमकर मारा। चोट लगने के बाद कुछ शिक्षक व छात्र बर्फ से चोट की सिकाई करते नजर आए।
अभिभावकों का विरोध, स्कूल पहुंची शिकायत
घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल परिसर में मौजूद अन्य अभिभावकों ने भी विरोध जताया और स्कूल प्रबंधन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्र के पिता राकेश भारती ने बेटे को साथ लेकर स्थानीय चौकी रेणुसागर में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार, शिक्षक को चौकी बुलाकर समझाया गया और छात्र के इलाज की जिम्मेदारी शिक्षक को दी गई। हालांकि शिकायतकर्ता ने फिलहाल किसी कानूनी कार्रवाई से इंकार किया है।
शिक्षक निलंबित, चिकित्सा खर्च वहन करेंगे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने जानकारी दी कि आरोपी शिक्षक कमल सिंह सूर्यवंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और छात्र के इलाज का समस्त खर्च वही उठाएंगे।
छात्र की मां पुष्पा देवी ने कहा, ऐसी घटना ने मेरे बेटे को डरा दिया है। बार-बार वह उस पिटाई को याद कर रोने लगता है। इस समय उसकी परीक्षा चल रही है और पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
पिता राकेश भारती ने नाराजगी जताते हुए कहा, “जितना बड़ा स्कूल, उतना ही भ्रष्टाचार। बच्चों को इस तरह मारना विद्यालय की विफलता दर्शाता है। दोषी शिक्षक व प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इस घटना ने स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली और अनुशासन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग इस पर क्या ठोस कदम उठाते हैं।



