दैनिक समाज जागरण 11.05.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर
जमशेदपुर में सोमवार को झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा वर्कर्स कॉलेज में साइंस और आर्ट्स संकाय की पढ़ाई बंद करने के निर्णय के विरोध में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। जेडीयू छात्र संघ के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि यह फैसला सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
प्रदर्शन में शामिल छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर “छात्रों का भविष्य बर्बाद करना बंद करो”, “वर्कर्स कॉलेज बचाओ” और “शिक्षा का अधिकार मत छीनो” जैसे नारे लिखे हुए थे। छात्रों का कहना था कि वर्कर्स कॉलेज जमशेदपुर का एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है, जहां वर्षों से हजारों छात्र साइंस और आर्ट्स की पढ़ाई करते आ रहे हैं। ऐसे में अचानक इन दोनों संकायों की पढ़ाई बंद करने का फैसला पूरी तरह अनुचित और छात्र विरोधी है।
जानकारी के अनुसार हाल ही में शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी कर वर्कर्स कॉलेज में साइंस और आर्ट्स की पढ़ाई बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद इन विषयों में अध्ययनरत छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित एलबीएसएम कॉलेज भेजे जाने की बात कही गई है। इस फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता हेमंत पाठक ने कहा कि वर्तमान सरकार छात्रों से उनका शिक्षा का अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्कर्स कॉलेज शहर के मध्य में स्थित है और यहां पढ़ने वाले अधिकतर छात्र मध्यमवर्गीय एवं गरीब परिवारों से आते हैं। ऐसे में रोजाना 20 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई करना उनके लिए आर्थिक और शारीरिक दोनों दृष्टि से कठिन होगा।
हेमंत पाठक ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं को होगी। कई अभिभावक अपनी बेटियों को इतनी दूर पढ़ाई के लिए भेजने में असहज महसूस करेंगे। इससे कई छात्राओं की पढ़ाई बीच में ही छूट सकती है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द इस आदेश को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा सड़क से लेकर विधानसभा तक विरोध किया जाएगा।
वहीं वर्कर्स कॉलेज की छात्रा दिशा प्रसाद ने भी सरकार के फैसले पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके परिवार वाले उन्हें इतनी दूर पढ़ाई के लिए नहीं भेजेंगे। ऐसे में उन्हें अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़नी पड़ सकती है। दिशा ने कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि वर्कर्स कॉलेज में ही साइंस और आर्ट्स की पढ़ाई जारी रखी जाए ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में सरकार से आदेश वापस लेने तथा छात्रों के हित में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई। छात्रों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।
छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए उपायुक्त कार्यालय परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन छात्रों के आक्रोश ने यह साफ कर दिया कि शिक्षा विभाग के इस फैसले को लेकर युवाओं में गहरी नाराजगी है।
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