मगध विश्वविद्यालय, बोधगया में प्रस्तावित 62वें वार्षिक सम्मेलन की तैयारी के संदर्भ में सुझाव दिया कि इसे तीन दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जाए
बीकानेर/रोसड़ा।
इंडियन पॉलिटिकल साइंस एशोसियेशन के 61वें वार्षिक सम्मेलन के समापन समारोह में डॉ. घनश्याम राय ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय, बोधगया में प्रस्तावित 62 वें सम्मेलन को तीन दिवसीय होना चाहिए। उन्होंने तकनीकी सत्र को दो दिन का रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और शोध पत्र प्रस्तुत करने में गंभीरता की कमी पर चिंता व्यक्त की।
शोध पत्रों की गंभीरता पर चिंता
इंडियन पॉलिटिकल साइंस एशोसियेशन के 61वें वार्षिक सम्मेलन में डॉ. घनश्याम राय ने शोध पत्र प्रस्तुत करने की गंभीरता में कमी की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि आगामी 62वें सम्मेलन में इसे सुधारने की आवश्यकता है, ताकि ज्ञान और विचारों का आदान-प्रदान बेहतर हो सके।
तकनीकी सत्रों की लंबाई पर सुझाव
डॉ. घनश्याम राय ने 62वें वार्षिक सम्मेलन के तकनीकी सत्रों को दो दिन का रखने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि इससे प्रतिभागियों को अपने विचारों को प्रस्तुत करने और चर्चा करने का अधिक समय मिलेगा, जिससे सम्मेलन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
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