दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नबीनगर (बिहार ) नबीनगर प्रखंड के टंडवा ग्रामवासियों ने रजिस्टर्ड डाक द्वारा आवेदन भेजकर टंडवा को अतिक्रमण मुक्त करने एवं विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों से गुहार लगाई है।आवेदन में कहा गया है कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला टंडवा गांव आज नारकीय स्थिति में है।
अतिक्रमण के कारण मेला, बस स्टैंड, बाजार और खेल मैदान सब बदहाल हो चुके हैं। इससे परेशान होकर गांव के निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिवशंकर प्रसाद ने उपजिलाधिकारी औरंगाबाद और प्रखंड विकास पदाधिकारी नबीनगर को आवेदन देकर अतिक्रमण हटाने और विकास कार्य कराने की मांग की है।आवेदन में उठाए गए मुख्य मुद्दे हैं–1.टंडवा में पुनपुन तट पर स्थित सूर्य मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा और छठ पर बड़ा मेला लगता है। सोनपुर मेले के बाद टंडवा मेले का स्थान आता है। लेकिन अतिक्रमण के कारण जगह नहीं मिलने से बाहर के दुकानदार नहीं आ रहे हैं।2. करीब 40 वर्षों से बस स्टैंड का डाक हो रहा है, लेकिन यात्रियों के बैठने की व्यवस्था नहीं है। सुलभ शौचालय भी नहीं है। लोगों को पता ही नहीं कि बस स्टैंड कहां है।बाजार का डाक भी अतिक्रमण का शिकार हो चुका है।
4.टंडवा में आठ स्कूल होने के बावजूद एक भी खेल का मैदान नहीं है। अतिक्रमण के कारण बच्चों को खेलने का मौका नहीं मिलता।5. पूरे टंडवा में एक भी सुलभ शौचालय नहीं होने से महिला-पुरुषों को भारी परेशानी होती है।आवेदन में जिक्र करते हुए शिवशंकर प्रसाद, ने कहा कि टंडवा ऐतिहासिक गांव है, लेकिन अतिक्रमण के कारण विकास रुक गया है। उन्होंने प्रशासन से अतिक्रमण मुक्त कराकर विकास कार्य शुरू करने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई करे तो टंडवा फिर से अपनी पुरानी पहचान पा सकता है। गौरतलब है कि पूर्व में भी ग्रामीणों द्धारा अतिक्रमण मुक्त के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है।।वहीं अतिक्रमण और नागरिक सुविधाओं को लेकर समाचार पत्रों में भी कई बार प्रकाशित किया जा चुका है लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है



