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पटना यूनिवर्सिटी में बर्चस्व को लेकर दो पक्षो में तनाव

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ पीयू में छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया के बीच बुधवार देर रात विभिन्न छात्र संगठनों के समर्थक वर्चस्व को लेकर आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते मामूली नोकझोंक ने उग्र रूप ले लिया और पूरा परिसर तनाव की चपेट में आ गया। हालात बिगड़ते देख प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा और देर रात तक विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस की गतिविधियां तेज रहीं। घटना पटना विश्वविद्यालय के केंद्रीय परिसर और उससे जुड़े छात्रावास क्षेत्रों में हुई, जहां छात्र संघ चुनाव को लेकर पहले से ही माहौल गर्म था। चुनावी गतिविधियों के बीच अचानक हुई इस भिड़ंत ने न सिर्फ छात्रों, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन और अभिभावकों की भी चिंता बढ़ा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चुनाव प्रचार और समर्थन को लेकर दो प्रमुख छात्र गुटों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरुआत में मामला सिर्फ नारेबाजी और तीखी बहस तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए।

धक्का-मुक्की और हंगामे की खबर फैलते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कई छात्र अपने-अपने छात्रावासों में लौटने लगे, जबकि कुछ जगहों पर डर का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल विश्वविद्यालय परिसर की ओर रवाना हुआ। देर रात तक कैंपस के कई हिस्सों में पुलिस की गश्त जारी रही, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस पूरे घटनाक्रम पर सिटी पुलिस अधीक्षक, पटना मध्य, भानु प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हालात को काबू में रखने के लिए पीरबहोर थाना समेत आसपास के कई थानों की पुलिस को बुलाया गया। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी छात्र को चोट न पहुंचे और विश्वविद्यालय परिसर में शांति बनी रहे। पुलिस के अनुसार, देर रात विशेष सघन छापेमारी अभियान चलाया गया।

इस दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों की तलाशी ली गई, ताकि उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा सके और भविष्य में किसी भी तरह की हिंसा को रोका जा सके। छापेमारी के दौरान मिंटो छात्रावास से आठ छात्रों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन छात्रों पर उपद्रव में शामिल होने का संदेह है। हिरासत में लिए गए छात्रों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि झड़प की शुरुआत कैसे हुई और इसके पीछे किन संगठनों की भूमिका रही। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए छात्रों में से एक का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा और निर्दोष पाए जाने पर छात्रों को राहत दी जाएगी।


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