गुरु पूजन कर शिष्यों ने लिया आशीर्वाद

गुरु पूर्णिमा पर मंदिरों में हुए धार्मिक अनुष्ठान

चित्रकूट – आषाढ़ मास की पूर्णिमा को हर वर्ष गुरु पूजन का पर्व गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है। इस पूर्णिमा तिथि पर गुरु की पूजा की जाती है। धार्मिक दृष्टि से इसका बड़ा ही महत्व है। इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन कई शुभ योग भी बने हैं। गुरु के ब‍िना न तो जीवन की सार्थकता है और न ही ज्ञान प्राप्ति संभव है। ज‍िस तरह हमारी प्रथम गुरु मां हमें जीवन देती हैं और सांसार‍िक मूल्‍यों से हमारा पर‍िचय कराती हैं, ठीक उसी तरह ज्ञान और भगवान की प्राप्ति का मार्ग केवल एक गुरु ही द‍िखा सकता है। यानी क‍ि गुरु के ब‍िना कुछ भी संभव नहीं है। सनातन संस्कृति में गुरु को देवता तुल्य माना गया है। गुरु को हमेशा से ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान पूज्य माना गया है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर नयागांव चित्रकूट स्थित आचार्य आश्रम में अयोध्या के पंडित श्री श्री 1008 श्री बद्री प्रपन्नाचार्य जी महाराज के शिष्यों द्वारा धार्मिक अनुष्ठान सम्पादित किया गया। गुरु महाराज के शिष्यों ने गुरु जी की पूजा अर्चना करने के साथ पुष्प अर्पित किए। वही काफी संख्या में एकत्रित शिष्यों ने गुरु वंदना कर आरती उतारी। ज्ञात हो कि आचार्य आश्रम नयागांव चित्रकूट में गुरु पूजन व धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया।इस दौरान विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भंडारा प्रसाद का वितरण किया गया। जिसमें गुरु शिष्यों के अलावा श्रद्धलुओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लेते हुए पुण्य लाभ अर्जित किया। गुरु पूर्णिमा के मौके पर समूचे जिले में गुरु पूजन के साथ मंदिरों व धार्मिक स्थलों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान शिष्यों द्वारा संपादित किया गया।

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