नोएडा समाज जागरण डेस्क
नोएडा : भले ही योगी सरकार प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए पुरजोर कोशिश करने मे लगे हो लेकिन असलियत यह है कि नोएडा प्राधिकरण और उसके कार्यशैली पर इसका कोई फर्क नही पड़ता है। नोएडा प्राधिकरण के निरीक्षण समिति के द्वारा मकान के ट्रांसफर, मेमोरेंडम एवं बैक के लिए जारी मोर्टेज (गिरवी) प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से पैसों की मांग की जाती है। राष्ट्रीय योगी सेना के नगर अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह राजपूत ने नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर नोएडा प्राधिकरण वर्क सर्किल 3 के निरीक्षण समिति के कार्यशैली पर सवाल उठाया है और जांच की मांग की है।
जितेन्द्र राजपूत ने कहा है कि बहुत से लोग उनके संस्थान (राष्ट्रीय योगी सेना) के पास मे इस शिकायत को लेकर आते है कि नोएडा प्राधिकरण तब तक उसे प्रमाण पत्र नही देता है जब तक कि उसके निरीक्षण समिति को धन उपलब्ध नही करा दिया जाता है। पैसे देने के बाद एक हप्ते मे ही प्रमाण पत्र दे दिए जाते है। नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत जांच कर उचित कार्यवाही करे ताकि आम लोगों को परेशान न होना पड़े।
बताते चले कि जितेन्द्र सिंह राजपूत स्वयं भी इस भ्रष्टाचार के शिकार है। दो महीने पहले उन्होने नोएडा प्राधिकरण को अपने मकान के लिए मोर्टेगेज की मांग किया था लेकिन दो महीने बाद भी अभी तक उनको मोर्टगेज नही दिया गया है। उनका कहना है कि हमारे ही सोसायटी मे एक महीने के अन्दर मे ही नोएडा प्राधिकरण ने टीएमसी दे दिया क्योंकि वहाँ से उनको पैसे मिले थे । लेकिन हमने अभी तक पैसा नही दिया है तो हमे नही दिया जा रहा है जबकि दो महीने होने को है। बताते चले कि चिट्टी नोएडा प्राधिकरण के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजा गया है।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



