पवित्र गुरूओं की दुआएं श्रेष्ठ संस्कार बनाती है
टिकरापारा सेवा केंद्र में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया
समाज जागरण ब्यूरो विवेक देशमुख
बिलासपुर। मुझे बचपन से ही स्वामी सत्यानंद जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ फिर महर्षि महेश योगी से भी ध्यान की दीक्षा मिली और फिर बाबा रामदेव से प्राणायाम की शिक्षा ली। प्रभु दर्शन भवन टिकरापारा में गुरु पूर्णिमा पर गुरूओ को याद करते मंजू दीदी ने कहा कि परम सदगुरू परमात्मा का ज्ञान मिलने के बाद ब्रह्माकुमारी बन गई और ईश्वर की खोज खत्म हुई परन्तु मंजिल पर पहुंचने की आध्यात्मिक यात्रा चल रही है।
दीदी ने कहा कि परमात्मा पवित्र गुरूओं की महिमा करते कहते है कि अगर समय समय पर गुरूओ, संतों, महात्माओ ने पवित्रता के बल पर विश्व को नही थामा होता तो दुनिया मे अनाचार कब का बढ़ गया होता। ब्रह्माकुमारी मुख्यालय मे प्रतिवर्ष संत सम्मेलन का आयोजन किया जाता है।
श्रीमद् भगवद्गीता के पंद्रहवे अध्याय मे परमात्मा ने मनुष्य सृष्टि रूपी कल्पवृक्ष का रहस्य स्पष्ट किया है । परमात्मा बीज उपर होने के कारण उर्ध्वमूल अर्थात उलटे वृक्ष मे क्रमानुसार मूल संगमयुग मे ब्राह्मण, तना सतयुग-त्रेतायुग मे देवीदेवता, टालटालियो पत्तों के रूप मे वैश्य, शूद्र को दिखाया गया है। परमात्मा कहते है जो इस कल्पवृक्ष के रहस्य को समझ जाता है उसे समस्त वेदों का ज्ञान प्राप्त होता है।
आगे दीदी ने कहा कि सभी ब्रह्माकुमारी सेवाकेन्द्रो मे परमात्मा द्वारा दिये ज्ञान के आधार पर कल्पवृक्ष के चित्र मे सभी धर्मो के स्थापना से लेकर अंत का रहस्य स्पष्ट है। यह संगमयुग गुप्त है जो कि सबसे महत्वपूर्ण युग है। परमात्मा कहते है अशुद्ध मन से प्रयत्न करने पर भी आत्मा को जान नही पाते। दीदी ने कहा कि राजयोग के अभ्यास से विषम परिस्थिति मे भी बुद्धि निश्चिंत रहती है जिसकी निशानी क्षीरसागर मे शेषशैय्या पर विष्णु को आराम से लेटे हुए दिखाते है।आगे कहा कि
गुरूर मे इन्सान को इन्सान नही दिखता,जैसे छत से अपना ही मकान नही दिखता,नसीहत वो सच्ची बात है जिसे कभी ध्यान से नही सुनते,तारीफ वो धोखा है जिसे बड़े गौर से सुनते है।
विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता शिवानी दीदी के आगमन की तैयारियां जोरों पर…
23 जुलाई को बहतराई स्टेडियम (बिलासपुर) मे शिवानी बहन के वृहद् कार्यक्रम मे शामिल होने के लिये ऑन-लाइन रजिस्ट्रेशन का कार्य तेजी से चल रहा है । कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क है किन्तु रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। जो भी रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं वे राजकिशोर नगर, टिकरापारा व शुभम विहार सेवाकेन्द्र से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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