पंकज कुमार पाठक,संवाददाता पदमा, दैनिक समाज जागरण
पदमा प्रखंड के सरैया पार नदी सीमाना पर स्थित रेलवे लाइन के किनारे नाग के फन जैसी आकृति वाले पत्थर इन दिनों लोगों की गहरी आस्था और जिज्ञासा का केंद्र बने हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ये पत्थर साधारण शिलाखंड नहीं हैं, बल्कि प्राकृतिक रूप से बने ऐसे अद्भुत स्वरूप हैं, जिनमें शेषनाग के फन जैसी आकृति दिखाई देती है। प्रतिदिन आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और उत्सुक लोग यहां पहुंचकर दर्शन करते हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस स्थल पर धार्मिक अनुष्ठान शुरू होने से यह स्थान शीघ्र ही एक तीर्थस्थल का रूप धारण कर सकता है। वहीं कई ग्रामीण इसे चमत्कार मानते हुए यहां पूजा-अर्चना भी करने लगे हैं।इसी क्रम में स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार को उक्त स्थान पर शिवचर्चा एवम भजन कीर्तन का बड़े पैमाने पर आयेजन किया।आयोजनकर्ता में मुख्य रूप से विचित्रा मेडिकल के संचालक शशिकांत सिंह ने बताया कि यह स्थान पूर्व काल से ही जागृत एवम प्राकृतिक सौंदर्य से भरा पूरा रहा है,क्षेत्र के ग्रामीणों का इस स्थान पर पूर्व से ही गहरी आस्था रहा है।रेलवे लाइन बनाने के क्रम में कुछ ऐसी रहस्यमयी घटनाएं हुई जिससे यह स्थान लोगो के लिए जिज्ञासा व उत्सुकता का केंद्र बन गया है। ग्रामीणों की माने तो कई ऐसे लोगों की इस स्थान पर आस्था के कारण ही उनकी मनौतियां भी पूर्ण हुई हैं।भजन कीर्तन के कार्यक्रम में आयजको के द्वारा भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी।इस आयोजन में क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य बसंत नारायण मेहता एवं स्थानीय मुखिया शांति देवी ,डॉ जगदीश सिंह,राजेश मेहता,प्रमोद यादव,दुर्गा प्रजापति, मिथलेश प्रजापति,नीरू राणा,अरुण केशरी के साथ भारी संख्या में आसपास क्षेत्र के लोगो की उपस्थिति देखी गई।



