त्रिदिवसीय जनपदीय विराट आर्य महासम्मेलन सौल्लास संपन्न

सुसंस्कारित युवा पीढ़ी ही राष्ट्र की धरोहर-डॉ सत्यपाल सिंह

स्वराज्य के प्रथम मंत्र दाता महर्षि दयानंद-विष्णुमित्र वेदार्थी

जागरुक व्यक्ति की वेद,शास्त्र और परमात्मा भी सहायता करता है-डा जायेंन्द्र आचार्य

गाजियाबाद,रविवार,28-12-2025 को जिला आर्य प्रतिनिधि सभा, आर्य केन्द्रीय सभा एवं नगर आर्य समाज के संयुक्त तत्वावधान में त्रिदिवसीय जनपदीय विराट आर्य महासम्मेलन गुरुकुल पटेल मार्ग में श्री श्रद्धान्द शर्मा की अध्यक्षता में सौल्लास सम्पन्न हुआ।

आर्य जगत के सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक नरेश दत्त ने भजनों द्वारा देश भक्ति का गुणगान किया जिसे सुनकर भावविभोर हो गए।

महायज्ञ डा जयेंन्द्र आचार्य के ब्रह्मत्व में संपन्न हुआ।उन्होंने राष्ट्र रक्षा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो जागरुक व्यक्ति होता है वेद,शास्त्र और परमात्मा भी उसकी सहायता करता है। जिस धरती मां की गोद में चलते,सोते और उसके गर्भ से निकले अन्न जल को ग्रहण करते हैं उसके लिए वंदे मातरम कर लिया करें संगठित हो जाइए और संख्या बल बढाइए।

मुख्य अतिथि के रूप में पधारे पूर्व सांसद डा सत्यपाल सिंह ने कहा कि सुसंस्करित युवा पीढ़ी ही राष्ट्र की धरोहर है केवल आर्य समाज की वर्कशॉप ही बच्चों को संस्कार देने का कार्य,अच्छा इंसान बनाने की बात करता है।यदि परिवार अच्छा, समाज अच्छा बनेगा तो राष्ट्र अच्छा बनेगा। मनुष्य जन्म लेकर हम अच्छे कार्य करें अपनी परिवार और समाज तथा राष्ट्र की रक्षा करें।

वैदिक विद्वान विष्णुमित्र वेदार्थी ने कहा कि स्वराज्य के प्रथम मंत्र दाता महर्षि दयानंद सरस्वती हैं उन्होंने आगे कहा कि समान संस्कृति की भावना होगी और शुद्धि आंदोलन होगा तो मातृभूमि की रक्षा होगी वास्तव में धरती का कण कण हमारे लिए वंदनीय है चाहे जान चली जाए तो जाए हम उसकी रक्षा करें।

वशिष्ठ अतिथि के रूप में पधारे सुभाष गर्ग ने कहा कि गुरुकुलों की शिक्षा से ही नए आर्य समाजी लोग बनेंगे परंतु गुरुकुलों को थोड़ा एडवांस बनाया जाए पुरानी के साथ नई पद्धति जोडें। उन्होंने कहा वे उसमें में सहयोग करेंगे और कराएंगे।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्रद्धानंद शर्मा ने कहा कि पिछले 11 वर्षों से हम निरंतर देख रहे हैं देश इस समय चहूंमुखी प्रगति कर रहा है विश्व गुरु की ओर अग्रसर है हमने सैन्य शक्ति को मजबूत किया है ऑपरेशन सिंदूर में भी सफलता पाई है हमें जनसंख्या के असंतुलन को संभालना होगा तुष्टिकरण की नीति को भी देखना होगा तभी राष्ट्र रक्षा हो सकेगी।

सम्मेलन में शोभा यात्रा में भाग लेने वाली आर्य समाजों और आर्य संस्थाओं के विद्यालयों,गुरुकुलों के अधिकारियों को सभा की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

मंच का कुशल संचालन सत्यवीर चौधरी ने किया तथा तेजपाल सिंह आर्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर सर्वश्री जितेन्द्र भाटिया, जगवीर सिंह,आचार्य कृष्ण शास्त्री, नरेन्द्र पांचाल, भुवनेश्वर दत्त शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

मुख्य रूप से शिल्पा गर्ग,के के यादव, देवेन्द्र आर्य,शिवराज सिंह भदोली, कृष्ण देव आर्य, डा प्रमोद सक्सेना,वी के धामा, डॉ रामपाल तोमर एवं प्रवीण आर्य आदि उपस्थित रहे।

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