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परेशानी : इन सुनसान रास्तों से गुजरता है बच्चों का भविष्य

🔴 हिन्दी भाषी बाहुल्य गांव डुब्बाजोत हिन्दी स्कूल से है वंचित

🔴 दो किलोमीटर पैदल चलकर डांगुजोत प्राथमिक विद्यालय में अपनी प्राथमिक पढ़ाई संपन्न करने को हैं विवश

दैनिक समाज जागरण संवाददाता
खोरीबाड़ी(सिलीगुड़ी) । आज जहां केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार जनहित में स्वास्थ्य, शिक्षा सहित बड़ी – बड़ी योजनाओं को लागू करने की दावा करती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में कई योजनाएं दम तोड़ती नजर आती है। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा का अधिकार अधिनियम का। शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उद्देश्य 6 वर्ष से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करना है।

वहीं दूसरी ओर खोरीबाड़ी प्रखंड अंतर्गत बिन्नाबाड़ी पंचायत के डुब्बाजोत हिन्दी भाषी बाहुल्य गांव  हिन्दी स्कूल से वंचित है। ग्रामीण संजय पासवान ने बताया गांव के छोटे छोटे बच्चे तपती धूप, बरसात या कड़ाके की ठंड हो बेपरवाह तकरीबन दो किलोमीटर पैदल चलकर डांगुजोत प्राथमिक विद्यालय में अपनी प्राथमिक पढ़ाई संपन्न करने को विवश हैं। इसके बाद डांगुजोत प्राथमिक विद्यालय में अपनी प्राथमिक की पढ़ाई पुरी कर करीब चार किलोमीटर दूर सीमावर्ती बिहार किशनगंज जिले के गलगलिया मध्य विद्यालय में आगे की पढ़ाई करने जाना पड़ रहा है।

ग्रामीण नागो पासवान ने बताया गांव में हिन्दी विद्यालय के अभाव में कई बच्चे हिन्दी पढ़ाई से वंचित होकर बंगला पढ़ रहे हैं तो कुछ पढ़ाई ही नहीं कर रहे हैं। बच्चों के लिए गांव में हिन्दी स्कूल खुले इसको लेकर ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाया परंतु समस्या जस की तस है। ग्रामीण अशोक पासवान ने बताया लगभग एक हजा़र आबादी वाले हिंदी भाषी गांव में हिन्दी स्कूल का अभाव होना दुर्भाग्य है। गांव में दो आँगनबाड़ी केंद्र है जिसमें बंगला की पढ़ाई संचालित होती है। गांव के बच्चे को मजबूरीवश हिन्दी पढ़ाई के लिए कोसों दूर जाना पड़ता है।

पैदल जा रहे बच्चों के सुरक्षा के लिए अभिवावक हर समय चिंतित रहते हैं। उन्होंने बताया कई बार हिन्दी स्कूल की मांग की गई परंतु अभी तक गांव को हिन्दी स्कूल नहीं मिली। आंकड़ा देखा जाय तो बिन्नाबाड़ी पंचायत में दो हिन्दी स्कूल जिसमें उक्त गांव से करीब दो किलोमीटर दूर डांगुजोत तथा करीब चार किलोमीटर दूर भजनपुर में हिन्दी प्राईमरी स्कूल है। हालांकि गांव से कुछ दूरी पर रवींद्रपुर बंगला स्कूल है।


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