अनिल कुमार अग्रहरी/समाज जागरण
डाला/ सोनभद्र। जनपद सोनभद्र में मत्स्य विभाग अंतर्गत चिन्हित किसानों को प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत मछली पालने के लिए केज कल्चर की व्यवस्था की गई है। जिसमें घोर अनियमितता पाए जाने की शिकायत पर शिकायत कर्ता द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल IGRS से शिकायत की गई जिस पर जनपद सोनभद्र के एडीएफ मत्स्य भड़क उठे।
जनपद सोनभद्र में प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत ओबरा डैम व रिहन्द डैम में 400 से ज्यादा केज कलर की व्यवस्था किसानों को सरकार द्वारा मछली पालन के लिए दिया गया है जिसका भुगतान ठेकेदारों के माध्यम से जियो टैगिंग करा कर किया जाना है इस संबंध में शिकायतकर्ता ने आईजीआरएस पर शिकायत की जिसमें यह वर्णित किया गया कि किसानों को ऑफिस ना बुलाकर ठेकेदारों के माध्यम से फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठा लगाकर ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया वहीं प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत पहले भुगतान के बाद बहुत से ऐसे केज हैं जिनमें मछली के बच्चे नहीं डाले गए हैं। जिसकी शिकायत करने पर मौके पर किसानों को बुलवाकर जांच करते हुए दूसरी किस्त भुगतान करने की कृपा की जाए। वही आईजीआरएस शिकायत पहुंचते ही मत्स्य विभाग के एडीएफ राजेंदर श्रीवास्तव महोदय शिकायतकर्ता को टेलिफोनिक वार्ता करते हुए धमकी देने लगे कि मैं आपको बताता हूं। और फोन काट दिए।
मत्स्य विभाग द्वारा घोर अनियमितता जनपद सोनभद्र में पाए जाने पर शिकायतकर्ता ने आइजीआरएस पोर्टल माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी पर किया गया फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठा की शिकायत से खिन्न एडीएफ मत्स्य राजेंद्र श्रीवास्तव के भड़कने से तत्व को छुपाया नहीं जा सकता। शिकायत कर्ता ने बताया की जिला प्रशासन से शिकायत की जायेगी जिसकी जांच अवशयक हो और जिम्मेदार पर कठोर से कठोर करवाई करने की गुहार लगाई जायेगी।



