वाराणसी। हरित और स्वच्छ काशी के संकल्प को साकार करने की दिशा में नगर निगम वाराणसी ने एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए शहर के तीसरे मियावाकी वन की शुरुआत की है। सारंगनाथ चौराहा स्थित सारंगतालाब क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस शहरी वन में 40 हजार से अधिक पौधे रोपे जाएंगे, जिससे शहर के हरित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्य बिंदु
- वाराणसी में तीसरे मियावाकी वन की शुरुआत
- सारंगतालाब क्षेत्र में लगाए जाएंगे 40 हजार से अधिक पौधे
- 20 प्रजातियों के पौधों का होगा रोपण
- प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना और महापौर अशोक कुमार तिवारी ने किया शुभारंभ
- पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को मिलेगा बढ़ावा
- ‘ग्रीन काशी’ अभियान को मिलेगी नई मजबूती
इस अभियान का शुभारंभ प्रदेश के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, महापौर अशोक कुमार तिवारी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर किया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने के उद्देश्य को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
नगर निगम के अनुसार, डोमरी और कंचनपुर में विकसित मियावाकी वनों की सफलता के बाद अब सारंगतालाब को भी घने शहरी वन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पीपल, बरगद, पाकड़, जामुन, अमलताश, गुलमोहर और मौलश्री समेत लगभग 20 प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मियावाकी तकनीक के तहत लगाए गए पौधे पारंपरिक वृक्षारोपण की तुलना में तेजी से बढ़ते हैं और कम समय में घने जंगल का रूप ले लेते हैं। इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है तथा वायु गुणवत्ता में भी सुधार होता है।
नगर निगम का मानना है कि यह परियोजना ‘ग्रीन काशी’ अभियान को नई गति देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण की मजबूत नींव साबित होगी।
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