
दस्तावेज जांच के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए आयोग से पुन: मांगा समय,
हिसार /उकलाना( राजेश सलूजा): हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा क्लर्क भर्ती 5/ 2019 का परिणाम 17 मई को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों से रिवाइज कर डाला। जिसमें 24097 शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को 4858 पदों के लिए बुलाया गया। इस परीक्षा परिणाम में उम्मीदवार को मात्र अपने दस्तावेज जांच के लिए एक मौका कुछ घंटों के लिए रोल नंबर अनुसार निर्धारित दिन में दिया गया है। जबकि आयोग ने विभागों की प्राथमिकता भरने के लिए जो घर बैठे अपनी अपने एंड्रॉयड फोन के माध्यम से भी काम हो सकता है उसके लिए तीन बार मौके 12 दिनों के लिए दिए। जिसमें 21 से 28 मई तथा 4 से 6 जून फिर 8 जून तक का समय दिया गया। विभागों की प्राथमिकता तो उम्मीदवारों के लिए होगी जो लोग डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन करवा कर आ चुके हैं और जिनका अंतिम चयन सूची में नाम होगा अन्यथा उनका इसके लिए कोई लाभ नहीं होगा ।जो लोग उम्मीदवार मेरिट में नहीं होंगे उनके लिए भी जब आयोग तीन बार समय दे रहा है। तो दस्तावेज जांच के लिए उम्मीदवारों द्वारा बार-बार अवसर दिए जाने की मांग किए जाने के उपरांत भी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग मौका देने को क्यों तैयार नहीं है ?इस बात को लेकर 10929 शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवार बड़े चिंतित हैं जो अपने दस्तावेजों की जांच उस निर्धारित तिथी को नहीं करवा सके। हालांकि माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय अरुण मोंगा ने निर्देश देते हुए यह कहा कि 2 माह में रिवाइज रिजल्ट देते हुए किसी प्रकार की कोई चूक ना हो ।जबकि 10929 उम्मीदवार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से वंचित हैं जबकि आयोग को बिना देरी किए अनुपस्थित शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को बुलाया जाना चाहिए था।आखिर वह कहां जाएंगे? जबकि ऐसे भी अनेक उम्मीदवार लिपिक पद पर अभी भी सेवाएं दे रहे हैं। उम्मीदवार करणवीर, संजू हरदीप आदि ने आयोग से मांग कि है की उनको दस्तावेज जांच का एक मौका दें। जबकि विभागों की वरीयता तो चयन उपरांत जरूरत थी। उसके लिए तीन मौके आयोग द्वारा दे दिए गए हैं । उम्मीदवारों ने आयोग से भी अपील की है कि माननीय उच्च न्यायालय से चाहे समय लेकर दस्तावेज जांच का मौका दें नहीं तो रोजगार जाते ही उनके जीवन के साथ खिलवाड़ होगा।