google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था के साथ सम्पन्न हुई विपतर्णी एकादशी पूजा

दैनिक समाज जागरण, संवाददाता, बिकाश

ईचागढ़ : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में शनिवार को परंपरागत श्रद्धा और भक्ति के साथ विपतर्णी एकादशी पूजा का आयोजन किया गया। स्थानीय मंदिरों और पूजा स्थलों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। व्रती महिलाओं और पुरुषों ने निर्जला उपवास रखते हुए भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की।

इस अवसर पर लोगों ने गंगा जल, पंचामृत, फूल, फल और तुलसी पत्र से भगवान की आराधना की। वहीं रात्रि में भजन-कीर्तन और संकीर्तन का आयोजन कर धार्मिक वातावरण में भक्तों ने आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।

पूजा के विशेष महत्व को बताते हुए पंडित विपदतारण पांडे ने कहा की परिवार में सुख शांति एवं संकटों से मुक्ति के लिए इस पूजा का विशेष महत्व है। या पूजा विशेष रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति और परिवार की लंबी उम्र के लिए किया जाता है। मां विपदतारिणी को दुर्गा मां के 108 रूपों में से एक माना जाता है।

क्या है विपतर्णी एकादशी?
हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को विपतर्णी एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत एवं भगवान विष्णु की पूजा करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कई स्थानों पर सामूहिक पूजा का आयोजन कर भक्तों ने धर्म लाभ प्राप्त किया। महिलाओं ने संतान सुख, समृद्धि और पारिवारिक कल्याण की कामना के साथ पूजा की।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)