समाज जागरण रंजीत तिवारी
वाराणसी ।।
सुरक्षा के मद्देनजर काशी के सराफा कारोबारियों ने एक महत्वपूर्ण फैसला किया है,इसमें बताया गया है कि वाराणसी की फुटकर सराफा दुकानों और शोरूम में अब कोई भी ग्राहक हिजाब, घूंघट, हेलमेट या मास्क पहनकर सोने-चांदी के गहनों की खरीदारी नहीं कर सकेगा. यह फैसला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में हुई चोरी, लूट और ठगी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. यह व्यवस्था झांसी, लखनऊ और बिहार में लागू है।
जिले में डाई हजार कारोबारी
सराफा मंडल के अनुसार, जिले में थोक सराफा मंडी के अलावा शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब 2500 से अधिक फुटकर सराफा कारोबारी सक्रिय हैं. बीते कुछ महीनों में सराफा दुकानों को निशाना बनाकर अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसमें चेहरे ढंककर आने वाले अपराधियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है. इसी कारण व्यापारियों ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
स्वर्णकार संघ ने कहा
उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष कमल कुमार सिंह, महामंत्री किशोर सेठ,सुमित सराफा और व्यापारी अविनाश सेठ का कहना है कि यह नियम किसी समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. सराफा दुकानों में महंगे गहने होते हैं और थोड़ी सी चूक बड़े नुकसान का कारण बन सकती है. ऐसे में चेहरे की स्पष्ट पहचान दुकानदारों के साथ-साथ ग्राहकों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है. सराफा कारोबारियों की सुरक्षा को देखते हुए जिले के सभी थोक एवं फुटकर दुकानों में सीसी कैमरे लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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