वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत जिले के 1,56,171 लाभुकों के बैंक खातों में सितंबर 2026 की पेंशन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की गई। प्रति लाभुक 1,100 रुपये की दर से जिले के पेंशनधारियों के खातों में कुल 18 करोड़ 35 लाख 49 हजार 400 रुपये भेजे गए। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत बिहार के 1,08,36,005 लाभुकों के खातों में कुल 12,374 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय पेंशन राशि अंतरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। किशनगंज में मुख्य कार्यक्रम समाहरणालय स्थित एनआईसी कक्ष में हुआ, जहां अधिकारियों और पेंशन लाभुकों ने कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा।
कार्यक्रम की शुरुआत वरीय उप समाहर्ता सह सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, श्रीति कुमारी ने की। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि अब प्रत्येक महीने की 10 तारीख को डीबीटी के माध्यम से पेंशन की राशि लाभुकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और समाज के अन्य पात्र कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद और कमजोर वर्गों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना तथा उन्हें सम्मानपूर्वक जीवनयापन में मदद करना है। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों और अन्य पात्र लाभुकों के लिए यह एक सकारात्मक पहल है। जिला प्रशासन भी जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन ने वैसे पेंशन लाभुकों से जल्द से जल्द जीवन प्रमाणीकरण और आधार सीडिंग कराने की अपील की, जिन्होंने अब तक ये प्रक्रियाएं पूरी नहीं की हैं। प्रशासन के अनुसार, आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी रहने से पेंशन राशि का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के पदाधिकारी, कर्मी और बड़ी संख्या में पेंशन लाभुक उपस्थित रहे। लाभुकों ने पेंशन राशि हस्तांतरण की पहल पर प्रसन्नता जताई।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



