google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

गोरखपुर-सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे के लिए किशनगंज में भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी

चेनज 434.450 से 506.950 किलोमीटर तक की जमीन होगी अधिग्रहित, आपत्ति दर्ज कराने के लिए मिला 21 दिन का समय

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज।
गोरखपुर-सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर किशनगंज जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 24 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के तहत एक्सप्रेसवे के चेनज 434.450 किलोमीटर से 506.950 किलोमीटर तक की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। यह भूखंड जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (डीएलएओ), किशनगंज के अधिकार क्षेत्र में चिह्नित किया गया है।


मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना संख्या का.आ. 5288 (अ) में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3ए के तहत प्रस्तावित भूमि का अर्जन सार्वजनिक प्रयोजन के लिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य गोरखपुर-सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे का निर्माण, चौड़ीकरण, पेव्ड शोल्डर सहित दो लेन या चार लेन सड़क का निर्माण, रखरखाव, प्रबंधन और परिचालन सुनिश्चित करना है।

भूमि मालिकों को 21 दिनों के भीतर आपत्ति का अधिकार

अधिसूचना के अनुसार, अधिग्रहण के लिए चिह्नित भूमि में हित रखने वाले व्यक्ति राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से 21 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, किशनगंज के समक्ष लिखित रूप में प्रस्तुत करनी होगी। आवेदन में आपत्ति के कारणों का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा।


नियमानुसार, सक्षम प्राधिकारी आपत्तिकर्ता को व्यक्तिगत रूप से अथवा विधिक पेशेवर के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर देगा। आपत्तियों की सुनवाई और आवश्यक जांच के बाद प्राधिकारी आपत्तियों को स्वीकार या अस्वीकार करने के संबंध में आदेश जारी करेगा। अधिनियम की धारा 3ग की उपधारा (2) के तहत सक्षम प्राधिकारी का आदेश अंतिम होगा।

एनआईसी की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा जमीन का विवरण

अधिसूचना के अंतर्गत आने वाली भूमि के नक्शे और अन्य संबंधित विवरण जिला प्रशासन के कार्यालय में उपलब्ध रहेंगे। इच्छुक भू-स्वामी और अन्य हितबद्ध व्यक्ति इनका निरीक्षण कर सकेंगे। इसके अलावा, संरचनायुक्त और संरचनारहित भूमि का संक्षिप्त विवरण किशनगंज जिले की एनआईसी वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। अधिसूचना में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके भी संबंधित भूमि का विवरण जांचा जा सकता है।
भूमि अधिग्रहण की इस प्रक्रिया के तहत प्रभावित भू-स्वामियों के लिए अधिसूचना में निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी आपत्ति और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण होगा।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)