23 मई 2026 की शाम **आगरा से नोएडा** आने वाली **5:05 PM NUEGO इलेक्ट्रिक बस** में सफ़र कर रहे यात्रियों के लिए यह दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। जब पूरे उत्तर भारत में तापमान **47°C** तक पहुंचकर लोगों का जीना मुश्किल कर रहा था, उसी तपती गर्मी में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस अचानक **खराब** हो गई। यात्रियों के अनुसार, बस स्टाफ ने **3–4 बार AC चालू करने की कोशिश की**, लेकिन न AC चला और न ही बस दोबारा स्टार्ट हुई।

धीरे-धीरे बस पूरी तरह बंद हो गई और अंदर बैठना मुश्किल हो गया। तेज़ गर्मी, घुटन और उमस की वजह से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। ऐसे में यात्रियों को उम्मीद थी कि कंपनी की ओर से कोई दूसरी बस भेजी जाएगी या ट्रांसफर की व्यवस्था होगी, लेकिन कंडक्टर ने सिर्फ़ इतना कहा—
> **“आप लोग उतर जाइए, रिफंड मिल जाएगा।”**
गर्मी की लू चल रही थी, एक्सप्रेसवे सुनसान था, और यात्री पूरी तरह **असहाय** खड़े थे। न पानी उपलब्ध था, न छाया, और न ही NUEGO की ओर से किसी सहायता का कोई प्रयास। कई यात्री मजबूरन दूसरे साधनों की खोज में लग गए।
प्रिमियम और सुरक्षित यात्रा का दावा करने वाली NUEGO बस सेवा पर यात्रियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि इतनी महंगी टिकट लेकर भी यदि कंपनी मूलभूत सुरक्षा और सहायता नहीं दे सकती, तो यह यात्रियों की जान से खिलवाड़ है।
अब यात्री @nuegoindia से तत्काल जवाबदेही, मुआवज़ा और सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार की मांग कर रहे हैं।
इस जानकारी को ca ganesh gupta ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया हैँ.
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