लोक अदालत ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ पटना सिविल कोर्ट परिसर के आसपास लंबे समय से व्याप्त यातायात अव्यवस्था और अवैध पार्किंग से अब जल्द ही आम नागरिकों व अधिवक्ताओं को राहत मिलने वाली है। स्थायी लोक अदालत, पटना ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस दिशा में प्रभावी पंचाट (एवार्ड) पारित किया है। वादी श्री प्रभास चन्द्र शर्मा ने पी०एल०ए० वाद संख्या 28/2025 के माध्यम से सिविल कोर्ट के समीप स्थित ‘स्कूल वाली गली’ और गेट संख्या-3 के पास अनियंत्रित वाहनों की पार्किंग व आवागमन में होने वाली बाधा का मुद्दा उठाया था। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण सहमति बनी, जिसके आधार पर अदालत ने आदेश जारी किया।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सत्येंद्र पाण्डेय और सदस्य रेशमा प्रसाद व संजय कुमार शुक्ला की पीठ ने अपने निर्णय में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। स्कूल वाली गली के समीप अब ‘वन-वे’ (एकांगी) यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी। सिविल कोर्ट के पास और गेट संख्या-3 वाली गली में वाहनों की क्रमबद्ध पार्किंग सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से पुलिस बल और संबंधित पदाधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
यातायात नियंत्रण हेतु ट्रैफिक पुलिस को आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। ट्रायल प्वाइंट संख्या-1037 (दिनांक 11.06.2026) की टिप्पणियों को पंचाट का अभिन्न अंग माना गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था न्यायालय आने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा व सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत पारित यह पंचाट अंतिम और सभी पक्षों पर बाध्यकारी होगा। इस ऐतिहासिक समझौते पर वादी प्रभास चंद्र शर्मा, उनके अधिवक्ता मिथिलेश कुमार गुप्ता और प्रतिवादी पक्ष के अधिकृत अधिकारी के. के. मण्डल ने हस्ताक्षर किए। इस फैसले से कोर्ट परिसर के आसपास की अराजकता खत्म होने और यातायात सुगम होने की उम्मीद जगी है।
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