बिहार में कानून का राज, महिलाओं की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फुलवारी शरीफ के नदियावां गांव में आयोजित ‘सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर’ को संबोधित करते हुए राज्य के विकास और सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में कानून का राज है। यदि कोई भी व्यक्ति कानून को हाथ में लेने का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय और आम जनमानस में सुरक्षा का भाव होना चाहिए। इस उद्देश्य से पुलिस को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है और तकनीक का प्रयोग बढ़ाया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए उन्होंने कहा कि उत्पीड़न की घटनाओं के प्रति प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आर्थिक सशक्तिकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ‘जीविका’ के माध्यम से लाखों महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है ताकि वे परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकें।शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी घोषणा करते हुए सम्राट चौधरी ने नदियावां मध्य विद्यालय को प्लस-टू विद्यालय का दर्जा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे ‘आदर्श मॉडल स्कूल’ विकसित कर रही है, जहां गरीब-अमीर सभी वर्गों के बच्चे साथ मिलकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करेंगे। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं और खेल सुविधाएं होंगी। साथ ही, प्रखंड स्तर पर मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा। अंत में, उन्होंने आम जनता से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
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