वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज।
ठाकुरगंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ठाकुरगंज में एएनएम की ड्यूटी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि जिरनगच्छ उप स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एएनएम पूजा कुमारी को पिछले 45 दिनों से अधिक समय से फील्ड ड्यूटी से हटाकर पीएचसी में डाटा ऑपरेटर का काम कराया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय पत्रांक 790, दिनांक 22 अगस्त 2026 के अनुसार, एएनएम पूजा कुमारी को असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, किशनगंज तथा जिला यक्ष्मा पदाधिकारी के मौखिक आदेश के आलोक में पीएचसी ठाकुरगंज में कार्य करने के लिए संबद्ध किया गया था। पत्र में टीबी मरीजों को दवा वितरण कराने के साथ आपातकालीन कक्ष के कार्यों के निष्पादन का उल्लेख है।
हालांकि, आरोप है कि निर्धारित कार्यों के अलावा एएनएम से पीएचसी के प्रथम तल पर डाटा ऑपरेटिंग का काम लिया जा रहा है। यदि लंबे समय तक उनसे यही कार्य कराया जा रहा है, तो सवाल उठता है कि इसके लिए सक्षम अधिकारी का स्पष्ट लिखित आदेश है या नहीं और ड्यूटी में बदलाव की आवश्यकता की समीक्षा किस स्तर पर की गई है।
बताया जाता है कि जिरनगच्छ उप स्वास्थ्य केंद्र में दो एएनएम और एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) कार्यरत हैं। इनमें से एक एएनएम को लंबे समय से पीएचसी में संबद्ध रखे जाने से फील्ड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और नियमित टीकाकरण (आरआई) सहित अन्य कार्यों का अतिरिक्त भार दूसरे स्वास्थ्यकर्मी पर पड़ने की बात सामने आ रही है। ऐसे में ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि यदि किसी कर्मचारी को अस्थायी रूप से दूसरे स्थान पर कार्य करने के लिए संबद्ध किया गया है, तो उसकी अवधि, कार्य की प्रकृति और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने वाली लिखित व्यवस्था क्यों नहीं है? प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अनुसार, एएनएम से कार्य सिविल सर्जन के मौखिक आदेश के आधार पर कराया जा रहा है। ऐसे में विभागीय स्तर पर यह स्पष्ट होना जरूरी है कि आदेश के तहत निर्धारित कार्य क्या हैं और डाटा ऑपरेटर का काम सौंपने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया।
एएनएम की जिम्मेदारियों में टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य जागरूकता तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन शामिल है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में तैनात स्वास्थ्यकर्मी को लंबे समय तक दूसरे कार्य में लगाए जाने के औचित्य की समीक्षा जरूरी मानी जा रही है।
अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर हैं। मामले में संबद्धता आदेश, वास्तविक कार्य आवंटन और जिरनगच्छ उप स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं की स्थिति की जांच कराए जाने की मांग उठ रही है। विभागीय जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि ड्यूटी में बदलाव निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हुआ है या नहीं और इससे ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है या नहीं।
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