
असम सहित सभी जिले की तर्ज पर 6 अप्रैल (गुरुवार) को एपीजीसीएल- एपीडीसीएल- एजीसीएल के अस्थाई कर्मचारियों ने अपनी ग्यारह सूत्री मांगों को पूरा करने के लिए दुल्लभछड़ा स्थित एपीडीसीएल के कार्यालय परिसर में काम बंद रखा. मांगों में (1) अस्थायी विद्युत कर्मचारियों के रोजगार का स्थायीकरण (2) असम सरकार द्वारा घोषित 5,000 अस्थायी श्रमिकों का स्थायीकरण (3) बिना परीक्षा के सत्यापन के माध्यम से स्थायीकरण (4) स्थायीकरण के लंबित समान वेतन का भुगतान (5) स्थापना की व्यवस्था स्मार्ट मीटर लगाने से पूर्व अस्थाई मीटर रीडरों की संख्या (6) अस्थाई कर्मियों की पृथक सूची तैयार करना (7) कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर आर्थिक सहायता, परिवार के किसी सदस्य को मुआवजा सहित रोजगार उपलब्ध कराना (8) जीवन यापन की व्यवस्था अस्थाई कर्मचारियों का बीमा (9) विभाग के अधीन कार्यरत अस्थाई कर्मियों का ठेकादार के अधीन में काम बंद करना (10) 33/11 केवी कंट्रोल रूम का निजीकरण बंद करना (11) मौजूदा श्रम कानूनों के तहत अस्थाई कर्मियों को सभी प्रकार के लाभ का प्रावधान करना । अस्थाई कर्मचारियों ने दुख व्यक्त किया कि कई अस्थायी पदों पर रहते हुए सेवानिवृत्त हुए हैं और कई की मृत्यु हो गई है। और आजतक कार्यकर्ता ने भविष्य की आशा के साथ दिन-ब-दिन काम कर रहे हैं। राज्य के ऊर्जा मंत्री सहित विभागीय अधिकारी को ज्ञापन दिये जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी. उन्होंने कहा कि मेहनत के अनुसार प्राप्त धन जो भी मिलता है बिलिंग पेपर की खरीद और बिल संग्रह पर खर्च हो जाता है । ज्ञात हो कि गत 4 अप्रैल से शुरू हुआ कार्य अवकाश आगामी 15 अप्रैल तक जारी रहेगा। यदि सरकार या विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे अस्थाई कर्मियों ने गनतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने का निर्णय लेंगे। अप्रैल 25 से 30 तक .
दुल्लभछड़ा सब डिवीजन की आउटसोर्स कमेटी के अध्यक्ष आब्दुर रहमान, सचिव बिश्वजीत सिन्हा, भानु दासगुप्ता, विक्रम दास, संतोष उपाध्याय सहित कई अन्य उपस्थित थे।
असम करीमगंज से संवाददाता सचिंद्र शर्मा.
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