दैनिक समाज जागरण 03.07.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर
चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया शुक्रवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने स्टेशन, यार्ड और रेल लाइनों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा टाटा स्टील के अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, रेल परिचालन व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और चल रहे विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई। डीआरएम ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, ट्रेनों के सुरक्षित एवं समयबद्ध संचालन तथा विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने रेलवे ट्रैक, प्लेटफॉर्म, स्टेशन परिसर, यार्ड और परिचालन व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने आरआरआई (रूट रिले इंटरलॉकिंग) का निरीक्षण किया, जहां सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रेनों के संचालन और तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ रखरखाव और आवश्यक सुधारों को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि सुरक्षित और निर्बाध रेल संचालन के लिए आधुनिक तकनीक के साथ नियमित निगरानी आवश्यक है।
निरीक्षण के बाद रेलवे गेस्ट हाउस में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं और क्षेत्र की प्रमुख आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें आदित्यपुर–गम्हरिया रेल सेक्शन के दोहरीकरण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने से रेल परिचालन अधिक सुगम होगा तथा मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही में तेजी आएगी, जिससे पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
बैठक में रेल मंत्री के साथ हाल ही में हुई चर्चा और प्राप्त निर्देशों की भी समीक्षा की गई। लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने तथा विकास कार्यों में तेजी लाने पर सहमति बनी। डीआरएम ने कहा कि समयपालन भारतीय रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए तकनीकी, परिचालन एवं रखरखाव संबंधी सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि यात्रियों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
बैठक में टाटा–बादामपहाड़ रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि प्लेटफॉर्म ऊंचे होने से यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में अधिक सुविधा मिलेगी। इसके अलावा बारीगोड़ा, गोविंदपुर और हाता रोड पर रेल ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श हुआ। इन स्थानों पर ओवरब्रिज बनने से रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी और सड़क एवं रेल यातायात दोनों अधिक सुचारू हो सकेंगे।
सांसद विद्युत वरण महतो ने बैठक में क्षेत्र की जनता से जुड़े विभिन्न रेलवे विकास कार्यों और यात्री सुविधाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने टाटानगर रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल देते हुए लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रेलवे के विकास से क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
बैठक में डीआरएम तरुण हुरिया, सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी, रेलवे अधिकारी मनीष पाठक, रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा टाटा स्टील के अधिकारी उपस्थित रहे। रेलवे अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि बैठक में जिन विकास परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं पर चर्चा हुई है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि क्षेत्र के यात्रियों और स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
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