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पटना का नाम फिर होगा ‘पाटलिपुत्र’

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ बिहार की राजधानी पटना का नाम बदलकर उसके प्राचीन नाम ‘पाटलिपुत्र’ करने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को फुलवारी शरीफ के नदियावां में आयोजित ‘सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर’ के दौरान इस दिशा में बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजधानी की गौरवशाली ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करने के लिए इसे ‘पाटलिपुत्र’ नाम देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पटना न केवल बिहार की राजधानी है, बल्कि यह मगध साम्राज्य की राजधानी के रूप में विश्वभर में प्रतिष्ठित रही है। उन्होंने कहा कि पाटलिपुत्र का नाम बिहार की सभ्यता, संस्कृति और प्राचीन इतिहास का प्रतीक है।

इस नाम को वापस लाने से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को एक नई मजबूती प्राप्त होगी।सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि लंबे समय से उठ रही इस मांग पर सरकार अब सक्रिय कदम उठाने जा रही है। जल्द ही इस संबंध में प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष लाया जाएगा, जिसके बाद विधिवत प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, अजातशत्रु द्वारा बसाई गई यह नगरी मौर्य और गुप्त साम्राज्य के काल में शिक्षा, प्रशासन और राजनीति का विश्वस्तरीय केंद्र थी।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजधानी का नाम बदलने की चर्चा ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। जानकारों का मानना है कि यदि राज्य सरकार कैबिनेट से प्रस्ताव पारित कर केंद्र के पास भेजती है और वहां से मंजूरी मिल जाती है, तो आने वाले समय में पटना का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से ‘पाटलिपुत्र’ हो सकता है। यह कदम राज्य के पर्यटन और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।


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