तीन मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए पहुंचते ही भड़का आक्रोश, एंबुलेंस और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़; राजा उर्फ सूरज के चाचा ने मुठभेड़ को बताया साजिश
वेद प्रकाश, पटना जिला संवाददाता
समाज जागरण
पटना। मनेर के शेरपुर गंगा दियारा में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारे गए तीन कथित अपराधियों के शव शुक्रवार को पोस्टमार्टम के लिए दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचते ही हंगामा शुरू हो गया। मृतकों के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर प्रदर्शन और पथराव किया। इस दौरान एक एंबुलेंस और पुलिस की दो गाड़ियों के शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर उग्र भीड़ को अस्पताल परिसर से बाहर खदेड़ा।
परिजनों ने पुलिस की मुठभेड़ संबंधी कहानी पर संदेह जताते हुए आरोप लगाया कि तीनों युवकों को पहले हिरासत में लिया गया और बाद में शेरपुर घाट ले जाकर कथित फर्जी मुठभेड़ में मार दिया गया। उनका कहना था कि यदि युवक अपराध में शामिल थे तो उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए थी। परिजनों ने अस्पताल में ही पोस्टमार्टम कराने की मांग की और शवों को दूसरे अस्पताल ले जाने के प्रशासनिक प्रयास का विरोध किया।
पथराव के बाद पुलिस ने किया बल प्रयोग
अस्पताल परिसर में हंगामे की सूचना मिलने पर सिटी एसपी (मध्य) समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने पर महिला परिजनों सहित अन्य लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने भीड़ को समझाने और अस्पताल परिसर खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया और पथराव कर रहे लोगों को खदेड़ दिया। एएसपी अजीत कुमार ने बताया कि कुछ लोग पुलिस के कार्य में लगातार बाधा डाल रहे थे और शांति व्यवस्था बिगाड़ रहे थे। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया। तनाव को देखते हुए अस्पताल और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
राजा उर्फ सूरज के चाचा ने मुठभेड़ को बताया साजिश
इस बीच मुठभेड़ में मारे गए सूरज कुमार उर्फ राजा के परिजनों ने भी पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतक के चाचा अविनाश शर्मा ने आरोप लगाया कि उनका भतीजा सीधा-साधा युवक था और मजदूरी तथा डिलीवरी का काम करके परिवार का पालन-पोषण करता था। उन्होंने पुलिस मुठभेड़ को साजिश बताते हुए इसे फर्जी एनकाउंटर करार दिया।
अविनाश शर्मा के मुताबिक, राजा गुरुवार शाम दानापुर से शेरपुर स्थित अपनी फूआ के घर गया था। आरोप है कि वहां से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और बाद में शेरपुर घाट ले जाकर मुठभेड़ में मार दिया। चाचा ने पुलिस पर उसका मोबाइल फोन छीनने का भी आरोप लगाया है।
परिवार में एक भाई और बहन, माता-पिता का पहले हो चुका है निधन
परिजनों के अनुसार, राजा उर्फ सूरज कुमार शाहपुर थाना क्षेत्र के गंगहरा दियारा निवासी और पूर्व मुखिया स्वर्गीय शिवाजी शर्मा का पुत्र था। उसके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उसका एक छोटा भाई दीपक और एक बहन हैं। राजा की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस का दावा- मृतक पर दर्ज थे आपराधिक मामले
दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ में मारे गए सूरज कुमार उर्फ राजा के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस ने पूर्व में दावा किया था कि तीनों मृतक व्यापुर पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भोलू हत्याकांड में शामिल थे। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान अपराधियों की गोली से मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार भी घायल हुए थे।
फिलहाल मुठभेड़ को लेकर पुलिस के दावों और मृतकों के परिजनों के आरोपों के बीच विवाद गहरा गया है। मुठभेड़ की वास्तविक परिस्थितियों, हिरासत में लिए जाने के आरोप और अन्य पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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