समाज जागरण
मीरजापुर। जनपद में 13 मई की शाम आए भीषण आंधी-तूफान, बारिश एवं आकाशीय बिजली से हुई जनहानि और व्यापक नुकसान के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभालते हुए देर रात तक विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही जिला अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों को समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी सदर, विद्युत विभाग, जल निगम, लोक निर्माण विभाग एवं नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर विद्युत आपूर्ति एवं जलापूर्ति को युद्धस्तर पर बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टूटे विद्युत तारों, क्षतिग्रस्त पोलों और गिरे पेड़ों को तत्काल हटाकर जनजीवन सामान्य किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया कि क्षेत्रवार टीमों की संख्या बढ़ाकर तेजी से विद्युत लाइनों की मरम्मत कराई जाए, ताकि बिजली के साथ जलापूर्ति भी शीघ्र बहाल हो सके। वहीं नगर पालिका परिषद को निर्देश दिया गया कि जिन मोहल्लों में बिजली बाधित होने के कारण जलापूर्ति प्रभावित है, वहां तत्काल पानी के टैंकर भेजे जाएं।
प्रभागीय वनाधिकारी एवं नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क मार्गों एवं विद्युत लाइनों पर गिरे पेड़ों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए। उन्होंने आपदा से संबंधित सभी अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे करने तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके पूर्व जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर आंधी-तूफान एवं आकाशीय बिजली से मृत 18 लोगों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सकों एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सभी शवों का पोस्टमार्टम प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कराया जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और वहां भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए कि सभी घायलों का समुचित उपचार कराया जाए तथा उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।



