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बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज होंगे प्रयास, जिला टास्क फोर्स की बैठक में सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश

समाज जागरण/ ब्यूरो चीफ विजय कुमार अग्रहरी

सोनभद्र। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, सोनभद्र में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने, बाल एवं किशोर श्रमिकों के प्रभावी चिन्हांकन, रेस्क्यू, पुनर्वासन तथा बाल श्रम उन्मूलन अभियान में विभिन्न विभागों की सहभागिता पर विस्तृत चर्चा की गई।


बैठक में बताया गया कि श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश शासन एवं मा0 मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों को वर्ष 2027 तक तथा आकांक्षी जनपदों सहित 16 जनपदों को वर्ष 2026 तक बाल श्रम मुक्त घोषित किया जाना है। इसी क्रम में सोनभद्र में श्रम विभाग,AHT एवं Association for Voluntary Action के समन्वय से जागरूकता एवं रेस्क्यू अभियान संचालित किए जा रहे हैं।


अभियान के अंतर्गत जून एवं जुलाई माह में 33 बाल/किशोर श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया तथा 27 संस्थानों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की गई। चिन्हांकित बच्चों के शैक्षणिक एवं आर्थिक पुनर्वासन तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी बैठक में चर्चा की गई।


जनपद के 10 विकास खंडों की 621 ग्राम पंचायतों, 6 नगर पंचायतों एवं 1 नगर पालिका को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक स्तर की बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर की समितियों के माध्यम से बाल श्रम मुक्त प्रस्ताव पारित कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके उपरांत जिला स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदन किया जाएगा।


बैठक में बाल एवं किशोर श्रमिकों के साथ-साथ बंधुआ श्रमिकों के चिन्हांकन, सड़कों पर रहने वाले एवं बेघर बच्चों के बचाव और पुनर्वासन के लिए गठित टीमों एवं नामित नोडल अधिकारियों की भूमिका के संबंध में भी जानकारी दी गई। सभी संबंधित विभागों को रेस्क्यू एवं पुनर्वासन अभियान में सक्रिय सहयोग करने तथा अपने-अपने स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


श्रम विभाग द्वारा विकास खंड अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों/पंचायत सचिवों तथा अधिशासी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर बाल श्रम मुक्त प्रस्ताव पारित कराने हेतु आवश्यक बैठकों के आयोजन पर भी जोर दिया गया।


बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी/प्रतिनिधि
बैठक में जिला विद्यालय निरिक्षक, सीओ,डिप्टी सीएमओ, DLSA प्रतिनिधि, जिला बाल संरक्षण इकाई/बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधि, पुलिस विभाग, चाइल्ड हेल्प लाइन कोआर्डिनेटर, जिला कौशल प्रबन्धन, विकास खंड अधिकारी, जिला पूर्ती अधिकारी प्रतिनिधि, एएचटी, BDO प्रतिनिधि, श्रम विभाग के अधिकारी एवं NGO प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


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