मुंबई ( गिरजा शंकर अग्रवाल ) – चंद्रभागा रामभाऊ सोनवने उम्र 75 साल तहसील निवासी श्रीरामपुर अहिल्या नगर, महाराष्ट्रने बताया, कि 2 साल पहले प्रार्थनी अपनी छोटी बेटी से मिलने गई थी ! तभी बड़ी बेटी नन्दा नानासाहेब चव्हाण हमारे घर का ताला तोड़कर जबरन रहने लगी! मेरी बड़ी बेटी ने मारपीट करके घर से बाहर निकाल दिया! मुझे लगा की वह गुस्सा होगी! इसीलिये मैं अपने रिश्तेदार के घऱ गई! काफी लोगों ने समझाया! वह नहीं मानी और मुझ पर पोलिस से मेरे नाम से झूठी कंप्लेन की और मेरी छोटी बेटी को कुछ गुंडों के कॉल मैसेज आने लगे! मैने एस. डी. एम.सहाब के पास (वरिष्ट नागरिक) का केस दर्ज किया! जिसमें मुझे घऱ खाली करने के लियॆ ऑर्डर मिल गए थे!

पर पुलिस से कोई मदद नहीं मिली! काफी बड़े बड़े कार्यकर्ताओं के पास जाकर भी कोई मदद नहीं मिली! मैं 2 साल से पेपर लेकर दर दर भटक रही हूँ! मे दिल, ब्लड प्रेसर की मरीज हूं! चलने फिरने काफ़ी परेशानी होती है! मुझ पर किसी को दया नहीं आ रही है! क्यां यही दिन देखने के लिये माँ अपने बच्चों को जन्म देतीं हैं!पालपोस कर बड़ा करते हैं! ताकि वहीं बच्चे उन्हें बड़ा होकर घर से बाहर निकाल दें! मारपीट करें! बेटा राजेंद्र रामाभाउ सोनवने सूरत में भी मारपीट करता हैं! गंदी गंदी गाली देता हैं! अब मैं कहाँ जाऊं



