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सीमांचल में भूजल प्रदूषण की जांच के लिए विशेषज्ञ पैनल गठित

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
सीमांचल क्षेत्र में भूजल में आर्सेनिक एवं यूरेनियम जैसे खतरनाक तत्वों की मौजूदगी और कैंसर के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए बिहार सरकार ने जांच एवं समाधान के लिए विशेषज्ञों का एक कोर ग्रुप (विशेषज्ञ पैनल) गठित किया है। इसे किशनगंज के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद द्वारा लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।


सांसद डॉ. जावेद आज़ाद ने संसद में प्रश्नकाल तथा नियम 377 के अंतर्गत इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके जवाब में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बताया था कि पिछले कुछ वर्षों में सीमांचल क्षेत्र में मुंह, स्तन (ब्रेस्ट) और लिवर कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।


स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को बताया था कि पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार और सुपौल सहित सीमांचल के कई जिलों के भूजल में आर्सेनिक एवं यूरेनियम की मौजूदगी चिंता का विषय है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस समस्या के कारणों की वैज्ञानिक जांच तथा स्थायी समाधान के लिए विशेषज्ञों का एक कोर ग्रुप गठित किया है।


अक्टूबर 2022 से जनवरी 2026 के बीच किए गए सर्वेक्षण में कैंसर के पुष्ट मामलों की संख्या इस प्रकार दर्ज की गई है— पूर्णिया में 323, कटिहार में 103, सुपौल में 75, अररिया में 74 तथा किशनगंज में 71 मामले सामने आए।


वहीं, जनवरी 2020 से दिसंबर 2025 के बीच कैंसर मरीजों के उपचार के लिए राज्य सरकार ने पूर्णिया जिले के 2,407 मरीजों हेतु 16.27 करोड़ तथा किशनगंज जिले के 938 मरीजों हेतु 6.14 करोड़ की राशि स्वीकृत की।


सड़क निर्माण के प्रस्ताव पर भी बढ़ी कार्रवाई
इधर, सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद द्वारा किशनगंज लोकसभा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण की मांग पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। उन्होंने बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार से इस संबंध में अनुरोध किया था।


पथ निर्माण मंत्री ने पत्र के माध्यम से सांसद को सूचित किया है कि उक्त प्रस्ताव को ग्रै० स० प्रे० सं०-998, दिनांक 10 जून 2026 के माध्यम से पथ निर्माण विभाग के सचिव के पास आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।


सांसद ने कहा कि सीमांचल के लोगों को सुरक्षित पेयजल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत सड़क संपर्क उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विशेषज्ञ पैनल की रिपोर्ट और सड़क निर्माण प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।


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